हार्दिक-अमन मौत: सरकारी लापरवाही पर चर्चा को दीपेन्द्र हुड्डा का लोकसभा में ध्यानाकर्षण

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·        दोनों खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी और कम से कम 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिले – दीपेन्द्र हुड्डा

·        सांसद निधि से दिए गए साढ़े 18 लाख रुपये 3 साल तक न लगाने के लिए दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई हो – दीपेन्द्र हुड्डा

·        राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक राठी के नाम पर हरियाणा में इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम बने – दीपेन्द्र हुड्डा

·        हरियाणा में खेल ढांचे को दुरुस्त करने के लिये पर्याप्त बजट दे सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा

चंडीगढ़, 1 दिसंबर। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने आज संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में सरकारी लापरवाही के कारण हुई बास्केटबॉल खिलाड़ियों हार्दिक व अमन की असमय मृत्यु पर चर्चा कराने के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का नोटिस दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बेहद दुःखद घटना हुई जिसमें हरियाणा के 2 बास्केटबॉल खिलाड़ियों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हमारे खिलाड़ी जर्जर पोल, खराब कोर्ट के साथ बुरी स्थिति में खेल रहे थे। पिछले कई वर्षों से हमारे खिलाड़ी बार-बार अपील कर रहे थे, लेकिन 11 वर्षों से सरकार ने खेल स्टेडियमों के रखरखाव के लिये कोई बजट नहीं दिया। इससे ज्यादा दुःखद बात ये है कि सरकार ने तो कुछ किया नहीं, सांसद निधि से मैंने साढ़े 18 लाख रुपये दिये, उसे भी 3 साल तक सरकार ने लगाया नहीं, केवल फाईलों में घुमाया।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि दोनों खिलाड़ियों – हार्दिक राठी और अमन कुमार के साथ न्याय हो, उनके परिवार के सदस्यों को सरकारी नौकरी, कम से कम 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिले, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और राष्ट्रीय खिलाड़ी हार्दिक राठी के नाम पर हरियाणा में इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम बने। साथ ही खेल ढांचे को दुरुस्त करने के लिये पर्याप्त बजट दिया जाए।

ध्यानाकर्षण नोटिस में सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि 25 नवंबर 2025 को रोहतक के स्टेडियम में अभ्यास के दौरान जंग लगे जर्जर बास्केटबॉल पोल गिरने 16 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की हैरान करने वाली मौत को रोका जा सकता था। इसके मात्र दो दिन पहले झज्जर जिले में 15 वर्षीय खिलाड़ी अमन कुमार की जान ऐसे ही दुखद हादसे में गई जो साफ और सीधे तौर पर आपराधिक लापरवाही, सरकारी उदासीनता और राजनीतिक वजहों से रोहतक स्थानीय सांसद निधि से मेरे द्वारा लाखनमाजरा स्टेडियम के पुनर्निर्माण के लिए मंजूर 18.50 लाख रुपये (2023 में 12,30,000 रुपये और 2025 में 6,20,000 रुपये) उपयोग न किए जाने का परिणाम है। हरियाणा के अधिकारियों द्वारा खेल ढांचे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए मंजूर सांसद निधि जारी करने में लगातार हीलाहवाली करना, परियोजनाओं में पैसा न लगाने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और अपने युवा खिलाड़ियों के अनमोल जीवन को बचाने के लिए सांसद निधि से होने वाले लंबित कार्यों की तत्काल मंजूरी, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने, देशभर में सुरक्षा ऑडिट कराने और खेलों की खान कहे जाने वाले हरियाणा जैसे राज्यों को बढ़ी हुई केंद्रीय सहायता प्रदान करने की तत्काल जरूरत है।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि गाँव लाखनमाजरा स्टेडियम के लिए मेरे द्वारा दी गई साढ़े 18 लाख रुपये की ग्रांट का यदि इस्तेमाल होता तो राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक की असमय मौत नहीं होती। उन्होंने कहा कि हरियाणा के दो होनहार खिलाड़ियों हार्दिक राठी और अमन कुमार की मौत के लिए पूरी तरह से बीजेपी सरकार जिम्मेदार है।

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Author: Bharat Sarathi

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