कहा- खिलाड़ियों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करेंगे बर्दाश्त
चंडीगढ़, 1 दिसंबर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। स्टेडियमों की जर्जर हालत की वजह से अब तक दो होनहार खिलाड़ियों की जान जा चुकी है। हुड्डा ने सरकार को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी कि खिलाड़ियों की जिंदगी से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। इसलिए 14 दिसंबर को दिल्ली में कांग्रेस की रैली के बाद वो पूरे प्रदेश के स्टेडियमों का दौरा करेंगे और वहाँ खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों के साथ मिलकर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली का मुद्दा जोर-शोर से उठाएँगे।
बहादुरगढ़ और लाखनमाजरा में बास्केटबॉल खेलते समय दो युवा खिलाड़ियों की हुई मौत अत्यंत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए भाजपा सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। क्योंकि सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा 12 लाख रुपये की ग्रांट दिए जाने के बावजूद सरकार ने ग्राउंड और पोल की हालत सुधारने का काम नहीं किया।
हुड्डा अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण दुर्घटना या सामान्य मृत्यु नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही की वजह से हुई हत्या है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। दोनों मृतक खिलाड़ियों के परिजनों को तुरंत सरकारी नौकरी और पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए।
हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय खेलों के लिए जो विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया था, उसका रख-रखाव तक भाजपा सरकार ने नहीं किया। कांग्रेस ने नशे व अपराध से युवाओं को बचाने और उन्हें खेल की ओर ले जाने के लिए विशेष खेल नीति बनाई थी। इसी नीति के तहत प्रदेश में बेहतरीन खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया, खिलाड़ियों को देश में सबसे ज्यादा नकद इनाम दिए गए और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए डीएसपी जैसे उच्च पदों पर नियुक्तियाँ दी गईं।
कांग्रेस ने स्कूल स्तर पर ही प्रतिभा खोजने के लिए “स्पोर्ट्स टैलेंट हंट” और “खेल एकेडेमियां” शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इन योजनाओं को भी बंद कर दिया। उच्च पदों पर नियुक्तियाँ बंद कर दीं और खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार शुरू कर दिया।
चंडीगढ़ और एसवाईएल के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार हरियाणा के हकों की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। यह सरकार न तो नई विधानसभा के लिए जमीन ले पा रही है और न ही एसवाईएल का पानी। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद भाजपा हरियाणा को उसका हक का पानी नहीं दिला पाई है। चंडीगढ़ को लेकर भी भाजपा की नीति ढुलमुल है। सरकार स्पष्ट नहीं कर पा रही कि दोनों राज्यों की साझा राजधानी रहेगी या पूरी तरह केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा। कभी कुछ कहती है, कभी कुछ – इससे जनता में भ्रम फैल रहा है। केंद्र सरकार को ये स्पष्ट करना चाहिए।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) में हो रही जल्दबाजी पर हुड्डा ने कहा कि चुनाव कई साल दूर हैं, फिर भी चुनाव आयोग बेवजह हड़बड़ी मचा रहा है। इस दबाव की वजह से कई बीएलओ आत्महत्या तक कर चुके हैं। इतनी जल्दी करने की कोई जरूरत नहीं है, जाँच-पड़ताल में उचित समय लगना चाहिए।









