जनता की न सुनने वाले अधिकारियों को हटाने से पीछे क्यों हट रही है सरकार: कुमारी सैलजा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कहा- गैर-जिम्मेदार अधिकारियों की वजह से बढ़ रहा है भ्रष्टाचार और बेवजह रोकी जा रही हैं फाइलें

चंडीगढ़, 01 दिसंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार की अपनी ही रिपोर्ट यह स्वीकार कर रही है कि पांच प्रमुख विभाग पुलिस, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और राजस्व की कार्यप्रणाली बेहद खराब है, अधिकारी जनता की नहीं सुनते, फाइलें लटकाते हैं और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते। कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की है कि वह रिपोर्ट को सार्वजनिक करे, दोषी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से हटाए और जनता को राहत देने के लिए सख्त कदम उठाए।

मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार पारदर्शिता के चाहे लाख दावे करे पर सच्चाई कुछ और है, इतना ही नहीं सरकार की और जनता की अधिकारी एक नहीं सुन रहे है। सत्ता पक्ष के विधायक और उसके मंत्री तक ऐसे आरोप लगा रहे है पर सरकार हाथ पर हाथ रखे बैठी है। अधिकारियों ने जनता को उसके हाल पर ही छोड़ दिया है। ऐसे में जनता खुद से पूछ रही है कि न्याय के लिए अब किसके पास जाए। सरकार ने खुद इसे लेकर अपने लोगों से फीडबैक लिया तो पता चला कि पुलिस विभाग, ऊर्जा विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग में सबस अधिकारी सबसे ज्यादा मनमानी कर रहे है और जनता की सुन ही नहीं रहे हैं। कुमारी सैलजा ने सवाल उठाया है कि जब सरकार खुद मान रही है कि प्रशासनिक मशीनरी ठीक से काम नहीं कर रही, जब रिपोर्ट में अधिकारियों के नाम दर्ज हैं, और जब शिकायतें सबसे ज्यादा पुलिस विभाग की आई हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री भी पूरे मामले से अवगत हैं, लेकिन उनके निर्देशों के बाद भी शासन-प्रशासन सिर्फ जांच की बात कर रहा है, जबकि जनता रोजाना परेशान हो रही है।

सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि जब पुलिस, स्वास्थ्य और राजस्व विभागों में दर्जनों अधिकारियों की लापरवाही साबित है, तब तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन सरकार जनता को उसके हाल में छोड़कर सिर्फ बयानबाजी कर रही है। यह अपने आप में साफ संकेत है कि सरकार की नीयत कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने की है। सांसद ने कहा कि हरियाणा की जनता पूछ रही है अगर सरकार को पता है कि अधिकारी गैर-जिम्मेदार हैं, भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और फाइलें बेवजह रोकी जा रही हैं, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों? प्रशासन जवाबदेह क्यों नहीं बनाया जा रहा? उन्होंने कहा कि जनता रोजाना पुलिस की उदासीनता, अस्पतालों की लापरवाही, बिजली विभाग की अनदेखी और राजस्व विभाग की धीमी प्रक्रिया से त्रस्त है। किसानों से लेकर आम नागरिक तक, हर कोई परेशान है लेकिन सरकार चुप है। सांसद ने सरकार से मांग की है कि वह रिपोर्ट को सार्वजनिक करे, दोषी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से हटाए और जनता को राहत देने के लिए सख्त कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता को अब बहानों की नहीं, जवाबदेही और न्याय की जरूरत है।

सांसद सैलजा ने की मिल्क माजरा टोल प्लाज़ा की समस्या पर हस्तक्षेप की मांग

सांसद कुमारी सैलजा ने राष्ट्रीय राजमार्ग-344 पर स्थित मिल्क माजरा टोल प्लाजा की अव्यवस्थित लेन व्यवस्था को बेहद गंभीर बताते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजा है। कुमारी सैलजा ने कहा कि संकीर्ण निर्धारित लेन के कारण सबसे अधिक समस्या एंबुलेंस व अन्य आपातकालीन सेवाओं को हो रही है, जिन्हें रोजाना जाम में फंसना पड़ता है। इससे मरीजों की जान पर जोखिम बढ़ रहा है। इसके साथ ही पुलिस तथा वीआईपी वाहनों का आवागमन भी लगातार बाधित हो रहा है, जिससे टोल प्लाजा पर अव्यवस्था और जाम की स्थिति बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासन द्वारा कई बार यह मुद्दा उठाया गया, परंतु अब तक समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि मिल्क माजरा टोल प्लाज़ा पर आपातकालीन, स्थानीय, पुलिस और वीआईपी वाहनों के लिए निर्धारित लेन को तत्काल प्रभाव से चौड़ा करने के निर्देश जारी किए जाएँ, ताकि यातायात सुचारू हो सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!