वानप्रस्थ में अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार 2025 पर सरल एवं जनसुलभ वार्ता
“नोबेल विजेताओं के शोध से मिला संदेश — नवाचार बढ़ेगा, तभी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी”

हिसार। वानप्रस्थ सीनियर सिटीज़न क्लब में आज एक विशेष ज्ञान-वर्धक सत्र आयोजित हुआ, जिसमें हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. आर. के. खटकड़ ने वर्ष 2025 के अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार से जुड़े शोध विषय को अत्यंत सरल और सुगम भाषा में समझाया।
इस वर्ष का अर्थशास्त्र नोबेल पुरस्कार जोएल मोक्यर, फिलिप एजियॉन और पीटर हाउइट को प्रदान किया गया है। इनका शोध “नवाचार-संचालित आर्थिक विकास” पर केंद्रित है, जो बताता है कि किसी देश की प्रगति केवल पूँजी और श्रम पर नहीं, बल्कि नई तकनीकों, उभरते विचारों और नवीन उत्पादन प्रणालियों को अपनाने पर निर्भर करती है।

डॉ. खटकड़ ने कहा कि जब पुरानी, कम-कुशल प्रणालियाँ हटकर उनकी जगह नवीन और अधिक प्रभावी तकनीकें लेती हैं, तो यह प्रक्रिया “सृजनात्मक विनाश” (Creative Destruction) कहलाती है। यही नवाचार और सृजनात्मक बदलाव किसी भी देश की दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति की बुनियाद बनते हैं।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत जैसे तेजी से उभरते देश के लिए यह शोध विशेष महत्व रखता है। यदि हम तकनीकी प्रगति, प्रतिस्पर्धा, कौशल-विकास और नवाचार को अपनी आर्थिक नीतियों के केंद्र में रखें, तो आने वाला दशक भारत के लिए ऐतिहासिक आर्थिक वृद्धि का दौर बन सकता है।
कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र के पूर्व प्रोफेसर डॉ. वी. पी. मेहता ने किया। उन्होंने बताया कि डॉ. खटकड़ जटिल आर्थिक अवधारणाओं को सरल भाषा में समझाने की अनूठी क्षमता रखते हैं, जिससे आम पाठक भी कठिन विषयों को सहजता से समझ सके।
क्लब के महासचिव डॉ. जे. के. डांग ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस प्रकार की जन-चर्चाएँ न केवल वरिष्ठ नागरिकों को नई आर्थिक सोच से अवगत कराती हैं, बल्कि समाज में आर्थिक जागरूकता फैलाने का भी सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत का मार्ग नवाचार और तकनीकी प्रगति से होकर ही गुजरता है।
कार्यक्रम में गीता जयंती के उपलक्ष्य में क्लब के पूर्व प्रधान और गीता प्रचारक श्री दयानंद बैनीवाल ने गीता संदेश प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. सत्य नारायण शर्मा ने अपना जन्मदिन भी मनाया और हारमोनियम पर पुराने फिल्मी गीतों की मधुर धुनें प्रस्तुत कर कार्यक्रम में आनंद का रंग भर दिया। क्लब की ओर से सदस्यों ने डॉ. खटकड़ और डॉ. शर्मा को पौधे भेंट कर सम्मानित किया और तालियों से उनका स्वागत किया।









