मुख्य अतिथि विरेन्द्र विज ने संविधान को नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों का पथप्रदर्शक बताया
प्रशिक्षुओं ने उद्देश्यिका वाचन कर लोकतांत्रिक मूल्यों के पालन का संकल्प दोहराया

गुरुग्राम, 26 नवंबर- समता और समानता का प्रतीक भारतीय संविधान दिवस भापुसे रैकरूट प्रशिक्षण केन्द्र (आरटीसी) भौण्डसी में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप पुलिस महानिरीक्षक आरटीसी भौण्डसी विरेन्द्र विज रहे। उन्होंने भारत के संविधान की ‘उद्देश्यिका’ का सामूहिक वाचन करवाने के बाद प्रशिक्षु कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य है। सैकड़ों वर्षों की गुलामी से मुक्त होकर स्वतंत्र भारत को व्यक्ति की गरिमा, अधिकारों और न्याय का संरक्षण देता है हमारा संविधान। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की अध्यक्षता में संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत किया था और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल कानून का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए समता, समान अवसर और धार्मिक स्वतंत्रता का प्रतीक है। यही हमारे लोकतंत्र की आत्मा को मजबूत और स्थिर रखता है।
विरेन्द्र विज ने प्रशिक्षुओं से कर्तव्यनिष्ठ होकर संविधान का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस की नागरिक हितैषी छवि को और सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस कर्मियों को जनता के विश्वास पर खरा उतरना होगा। अपने कार्यक्षेत्र में नागरिकों के सम्मान, अधिकारों और हितों को सर्वोपरि रखना होगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों का विश्वास ही पुलिस कर्मी का सबसे बड़ा सम्मान है। प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले अनुभव और गतिविधियाँ आपकी व्यावसायिक दक्षता का समग्र विकास करेंगी, इसलिए निरंतर जिज्ञासु बने रहें।
कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक आरटीसी अमरजीत सिंह, निरीक्षक सुरेन्द्र, सुनील, उप निरीक्षक कृष्ण, विक्रम, अर्चना, राजबीर, अब्दुल जब्बार, प्रविन्द्र कुमार के साथ प्रथम और द्वितीय वाहिनी आईआरबी के जवान मौजूद रहे। इंटरमीडिएट स्कूल कोर्स, एडवांस वेपन ट्रेनिंग तथा पीटी कोर्स के प्रशिक्षुओं ने भी संविधान की उद्देश्यिका का वाचन किया और संविधान दिवस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।









