हरियाणा में 12 साल बाद हुई AMO भर्ती में गड़बड़ी! हरियाणा के युवाओं को फिर मिला धोखा?

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भूपेंदर सिंह बूरा

चंडीगढ़, 17 फरवरी 2025: हरियाणा में 12 साल बाद निकली आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (AMO) की भर्ती में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। विपक्ष और युवा वर्ग का कहना है कि HPSC (हरियाणा लोक सेवा आयोग) द्वारा की गई इस भर्ती में हरियाणा के उम्मीदवारों के साथ बड़ा अन्याय हुआ है।

खाली रह गए सैकड़ों पद!

हरियाणा सरकार ने 805 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद 275 पद खाली छोड़ दिए गए। खासकर अनुसूचित जाति (SC), पिछड़ा वर्ग (BC) और सामान्य वर्ग के कई पदों को भरा ही नहीं गया।

  • SC/BC वर्ग के 242 और सामान्य वर्ग के 33 पदों पर नियुक्ति नहीं की गई।
  • SC वर्ग के 113 पद, BC-A वर्ग के 55 पद, BC-B के 27 पद और EWS के 47 पद खाली छोड़ दिए गए।
  • HPSC का तर्क है कि इन वर्गों के लिए योग्य उम्मीदवार नहीं मिले, जबकि हरियाणा के युवा इसे एक सुनियोजित धांधली बता रहे हैं।

क्या हरियाणा के युवा अयोग्य हैं?

HPSC का यह दावा कि हरियाणा के उम्मीदवार योग्य नहीं थे, सवालों के घेरे में आ गया है।

  • UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षाओं में हरियाणा के लगभग 30% अभ्यर्थी चयनित होते हैं, फिर भी HPSC को राज्य के अंदर से योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले?
  • AMO भर्ती में चयनित 530 अभ्यर्थियों में भी आधे से ज्यादा हरियाणा से बाहर के उम्मीदवार हैं।

भाजपा सरकार पर युवाओं से धोखे के आरोप

युवा संगठनों और विपक्षी दलों का कहना है कि भाजपा सरकार लगातार हरियाणा के युवाओं के साथ धोखा कर रही है। 12 साल बाद निकली AMO की भर्ती भी पूरी कराने में सरकार नाकाम साबित हुई।

राज्य के युवाओं में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर गहरा रोष है और वे इसे भाजपा सरकार की नाकामी और पक्षपातपूर्ण नीति का परिणाम बता रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या सफाई देती है या यह मुद्दा आगामी चुनावों में बड़ा राजनीतिक विवाद बनता है।

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Author: Bharat Sarathi

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