गुरुग्राम के गाड़ौली गांव की घटना संडे को मासूम नाले में बह गया था 
गंदे पानी के नाले में पैर फिसलने के बाद बह गया था मासूम दिशांत
गुस्साये ग्रामींण मंगलवार कों भी रोड के बीच में ही टेंट लगाकर बैठे
ग्रामीणों द्वारा रोड पर टेंट लगाने के बाद ही मौके पर पहुंचा प्रशासन

फतह सिंह उजाला
गुरूग्राम। 
उफनते बरसाती नाले में बह गए मासूम की तीसरे दिन भी तलाश का काम जारी रहा, लेकिन समाचार लिखा जाने तक बच्चे का कोेई भेद अथवा सुराग नहीं लग सका है। बच्चे की तीसरे दिन भी कोेई खोज-खबर नहीं होने से गुस्साये परिजन सहित ग्रामींण मेंगलवार को एक बार फिर से रोड के बीच में ही टेंट लगाकर धरना देकर बैठने को मजबूर हो गए। साइबर सिटी गुरुग्राम के गाडौली गांव के पास गंदे नाले में पैर फिसल जाने से एक आठ साल का मासूम बच्चा नाले में बह गया। सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंच गया और बच्चे को ढूंढने के कार्य में जुट गया। करीब 48 घंटे बीत जाने के बाद भी बच्चा नहीं मिला पाया है।

हरियाणा में सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाले  साइबर सिटी गुरुग्राम का हाल भी बेहाल ही है। यहां भाजपा नेता के ही पैतृक गांव गाडोली  के साथ से गंदा नाला बह रहा है। जिसके दोनो तरफ ना कोई दीवार और ना ही तार फेंसिंग की हुई है। .जिसके चलते इस गंदे नाले में कई बच्चों की डूब जाने से मौत हो चुकी है, तो कई वाहन भी गिर चुके है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया की इसकी कई बार प्रशासन को शिकायत भी की जा चुकी है। लेकिन प्रशासन है की आराम से आंखें मूंदे बैठा है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है , संडे को गुरुग्राम में बारिश आई , जिसके चलते ये गंदा नाला उफान पर चल रहा था। इसी दौरान आठ साल का मासूम दिशांत वहा खेल रहा था और खेलते खेलते उसका पैर फिसल गया और वो इस नाले में गिर गया। इस दौरान ग्रामीणों ने देख लिया और कई लोग इस उफनते नाले में दिशांत को बचाने के लिए कूद गए , लेकिन पानी का बहाव तेज था और दिशांत को बहा ले गया।

जैसे ही ये खबर गांव में फैली तो गांव में हड़कंप मच गया.। बच्चे का परिवार और गांव के के लोग वहां मौके पर पहुंच गए। इस दौरान पुलिस भी खबर मिलते ही मौके पर पहुंच गई और बच्चे को बचाने के प्रयासों में सभी जुट गए। पहले तो इसकी सूचना फायर विभाग को दी गई। फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को तलाशने के कार्य में जुट गई । लेकिन रात होते-होते जब फायर विभाग के हाथ भी निराशा ही लगी तो एसडीआरएफ को बुलाया गया। रात से और दिन के ढ़लने तक फायर विभाग  की टीम और एसडीआरएफ की टीम नाव लेकर नाले में बच्चे को तलाशती रही , लेकिन बच्चे का कोई अता पता नहीं लग पाया।

जसपाल गुलिया, फायर ऑफिसर के मुताबिक मासूम बच्चे के परिजनों की माने तो आसपास के लोगो ने बच्चे को डूबने से बचाने का प्रयास भी किया। लेकिन तब तक दीशांत बहाव में बहता चला गया। नाले में पानी के साथ-साथ कीचड़ भी भरा हुआ है जिसके चलते राहत कर्मियों को काफी कठिनाई हो रही है। दूसरी तरफ आज दिन में बच्चे का कोई अता पता नहीं लगा तो गुस्साए ग्रामीणों ने गुरुग्राम -पटौदी रोड पर सूखे पेड़ रखकर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंचे पुलिसकर्मियों से ग्रामीणों ने कहा कि हम जाम खोल देंगे , लेकिन किसी अधिकारी को बुला दीजिए जिससे हम बात कर सकें। लेकिन वहां पर कोई भी अधिकारी काफी देर तक नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों में रोड के बीच में ही टेंट लगा दिया और धरने पर बैठ गए। जैसे ही  सूचना प्रशासन के पास पहुंची तो प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। गुरुग्राम के एडीसी मौके पर पहुंचे और लोगों की बात सुनी। इस दौरान ग्रामीणों ने नाले के बारे में सारी जानकारी दी।

दरअसल बादशाहपुर ड्रेन का डिस्चार्ज इसी नाले से होकर नजफगढ़ ड्रेन तक का सफर तय करता है और  भारी बरसात के चलते नाले का बहाव बेहद तेज़ था । मासूम बच्चा इसी नाले के पास के बने घरों में रहता था और शाम को हम उम्र बच्चों के साथ खेल रहा था , कि तभी उसका पैर फिसला और इस नाले में बहता हुआ आगे निकल गया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग और गुरुग्रान पुलिस ने मौके पर पहुंच रेस्क्यू ऑपरेशन भी चलाया लेकिन बच्चे को अभी तक निकाला नही जा सका है.। रोषवश ग्रामीणों ने पटौदी रोड को जाम कर दिया , जिसके बाद में प्रशासन पहुंचा । परिजन पूरे गांव के नाले को ठीक करने की मांग पर अड़े रहे । हालांकि मौके पर पहुंचे  गुरुग्राम के एडीसी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है की जल्द ही की समस्या का समाधान किया जाएगा।  दीशांत अपने माँ बाप का तीन बहनों के बाद हुआ इकलौैता बेटा था।  

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