हेलीमंडी नगर पालिका प्रशासन का यह खुला फरमान कटेंगे चालान.
पालिका प्रशासन की मनमानी पर दुकानदारों ने घेरा पालिका कार्यालय.
न कोई पुलिसकर्मी, न कोई पालिका अधिकारी, न ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट.
दुकानदारों का विरोध और घेराव देखकर बैकफुट पर पालिका प्रशासन.
विरोध स्वरूप हेलीमंडी के विभिन्न बाजार -मार्केट कर दिये गए बंद

फतह सिंह उजाला

पटौदी । भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी गठबंधन सरकार में रामराज्य कैसा होगा ? यह देखना और समझना है तो हेलीमंडी नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली को नगर पालिका, नगर परिषद, जिला परिषद, नगर निगम इत्यादि यहीं से सीखना और समझना चाहिए ।

गठबंधन सरकार के कार्यकाल में यदि राम राज्य है तो वह वास्तव में हेलीमंडी नगर पालिका कार्यालय में देखा जा सकता है । अब इस बात का जवाब नगर पालिका सचिव, नगर निगम गुरुग्राम के कमिश्नर मुकेश कुमार आहुजा,  पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार या फिर अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी ही देने में सक्षम होंगे कि आखिर किस अधिकारी के निर्देश और आदेश पर हेलीमंडी नगर पालिका के सफाई कर्मचारी ही अतिक्रमण के नाम पर चालान काटने बाजार में पहुंचे । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारियोंके साथ मौके पर साथ में न तो कोई पालिका का जिम्मेदार अधिकारी, न कोई पुलिस कर्मचारी और ना ही कोई ड्यूटी मजिस्ट्रेट साथ में बताया गया । अतिक्रमण के नाम पर चालान काटने के लिए पहुंचे सफाई कर्मचारी ठेके पर कार्यरत हैं या फिर स्थाई रूप से कार्यरत हैं ? यह भी अपने आप में बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है ।

जैसे ही दुकानों के सामने चबूतरे पर रखें सामान इत्यादि को अतिक्रमण बताते हुए दुकानदारों के चालान काटने सहित जुर्माना लेने का काम शुरू किया गया, इसके बाद देखते ही देखते हेलीमंडी में सभी दुकानदारों के बीच गुस्सा और रोष फैल गया । बताया गया है एक दुकान के सामने तो तखत पर गर्मी में पानी पीने के लिए खड़े रखे हुए थे , चालान काटने पहुंचे सफाई कर्मचारियों ने पानी के भरे रखे घड़ों सहित तखत को अतिक्रमण ठहराते हुए 500 जुर्माने की रसीद काट दी। इसके बाद देखते ही देखते हेली मंडी के विभिन्न बाजारों के दुकानदार सीधे पालिका कार्यालय में पहुंचे और वहां धरना देकर बैठ गए। मजे की बात यह रही कि रामराज्य की झलक यह देखने के लिए मिली पालिका कार्यालय में न तो पालिका सचिव थे न हीं पटवारी न हीं कनिष्ठ अभियंता ने ही म्यूनिसिपल इंजीनियर या फिर अन्य कोई जिम्मेदार और जवाब देय अधिकारी पालिका कार्यालय में मौजूद मिला । यह सब देख कर दुकानदारों का गुस्सा और भी अधिक भड़क गया ।

हेलीमंडी क्षेत्र में बीते काफी दिनों से अस्थाई रूप से रेहडी इत्यादि लगाने वाले तथा दुकानों के सामने गंदे पानी की निकासी को लेकर बने नाले पर दुकानदारों के द्वारा बनाए गए रैंप को अतिक्रमण सहित अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया नामक संस्था के द्वारा शिकायत विभिन्न विभागों में और अधिकारियों के पास की हुई है । जबकि कथित रूप से एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया संस्था और इसके पदाधिकारियों के द्वारा यही दावा किया जाता है कि उनकी संस्था भ्रष्टाचार के खिलाफ शिक्षण संस्थानों व अन्य प्रकार से जागरूकता का अभियान चलाकर लोगों को भ्रष्टाचार पर जागरूक करने का काम कर रही है । संस्था क्या काम कर रही है और क्या काम नहीं कर रही , यह संस्था और संस्था के पदाधिकारियों का विषय है ।

लेकिन लाख टके का सवाल यह है की सफाई कर्मचारी किसके कहने पर और किस के निर्देश पर अतिक्रमण को वेरीफाई कर दुकानदारों से जुर्माना वसूलने के लिए बिना किसी पुलिस कर्मचारी और बिना ड्यूटी मजिस्ट्रेट के बेधड़क होकर बाजार में पहुंच गए ? जब यह मामला हेली मंडी नगर पालिका चेयरमैन सुरेश यादव और पालिका पार्षद राजेंद्र गुप्ता पालिका पार्षद मदन लाल अग्रवाल की जानकारी में आया आनन-फानन में यह सभी पालिका कार्यालय पहुंचे और पालिका कार्यालय को घेर कर धरना दिए बैठे दुकानदारों से बात कर मामले को सुलझाने के लिए बातचीत आरंभ की । व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल, पूर्व पार्षद अशोक सोनी, बिन्नू पंसारी, जितेंद्र प्रसाद, श्री भगवान, अनिल अग्रवाल, सहित बड़ी संख्या में दुकानदारों ने पालिका चेयरमैन सुरेश यादव से मौके पर खुलकर सवाल जवाब भी किए। दुकानदारों ने सीधे-सीधे जानना चाहा कि आखिर पालिका कार्यालय में पालिका सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारी क्यों मौजूद नहीं है या फिर कार्रवाई के समय कोई भी संबंधित जिम्मेदार अधिकारी सफाई कर्मचारियों के साथ क्यों और किसके कहने पर मौजूद नहीं रहा ? वही अवैध कब्जे और अतिक्रमण की परिभाषा क्या है ?

साग सब्जी फल इत्यादि की रेहड़ी लगाने वाले लोगों ने तो यहां तक बताया कि कोरोना महामारी के दौरान अपना रोजगार चलाने के लिए खुद पालिका प्रशासन के द्वारा ही प्रधानमंत्री की विशेष योजना के तहत 10-10 हजार रुपए का लोन दिलवाया गया।  बैंक से लिए गए इस लोन की किस्तें भी बैंक में वापस जमा करवानी है , महंगाई को देखते हुए दुकानदारी में किसी भी प्रकार का कितना लाभ नहीं हो पा रहा कि बैंक की किस्त का भुगतान किया जाए या फिर पेट की आग को बुझाया जाए। इसके अलावा परिवार में और भी कई प्रकार के खर्चे झेलने पड़ रहे हैं । अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटाने के खेल में कभी साग सब्जी फल इत्यादि रेहड़ी पर बेचने वाले गरीब लोगों को यहां से वहां दौड़ाया जाता है या फिर नवाबगंज छोटी बाजारी शिव मंदिर बाजार परिसर लाइब्रेरी मार्केट बाजार रामपुर गेट तक दुकानदारों को निशाना बनाया जा रहा है ।

पालिका कार्यालय परिसर में पहुंचे दुकानदारों को शांत करते हुए पालिका चेयरमैन सुरेश यादव ने कहा कि जल्द ही हेलीमंडी नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में नगर पालिका प्रशासन के द्वारा दुकानों के सामने पेंट से लाइन लगाई जाएगी । इस लाइन से बाहर जिस भी दुकानदार का सामान इत्यादि रखा होगा , उसका चालान काट कर जुर्माना वसूल किया जाएगा। चेयरमैन सुरेश यादव ने आश्वासन दिया कि जब तक यह कार्य पालिका प्रशासन के द्वारा नहीं कर लिया जाता कब तक के लिए चालान काटने की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया जाएगा । अब देखना यह है कि हेलीमंडी नगर पालिका कार्यालय जहां पर अधिकांश समय संबंधित अधिकारी उपलब्ध ही नहीं होते हैं ! वहां पर जो राम राज्य, गठबंधन सरकार के रहते हुए चल रहा है । इस रामराज्य का औचक निरीक्षण करने के लिए स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता, नगर निगम के कमिश्नर मुकेश कुमार, गुरुग्राम के डीसी, पटौदी के एसडीएम और पटौदी के एमएलए एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता औचक निरीक्षण करने के लिए कब तक यहां पहुंच सकेंगे। जिससे कि रामराज्य मैं बेलगाम कर्मचारियों और अधिकारियों पर उनकी जवाबदेही तय हो सके।

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