सरकारी संपत्तियों के आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भूमिका पर उठाए सवाल; कांग्रेस ने शुरू किया ‘भूमि बचाओ-धामी हटाओ अभियान’
नई दिल्ली/सिरसा, 4 नवंबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य एवं उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा ने उत्तराखंड की बेशकीमती सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक धरोहर भवनों को निजी संस्थाओं को सौंपे जाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य की महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों की अनदेखी की जा रही है।
कुमारी सैलजा ने नई दिल्ली में जारी बयान में दावा किया कि उत्तराखंड के 13 में से 12 जिलों की लगभग 40 सरकारी संपत्तियों और ऐतिहासिक भवनों को निजी क्षेत्र को सौंपने की प्रक्रिया अपनाई गई है। इनमें ऋषिकेश की आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि, डाकपत्थर की लगभग 190 एकड़ जमीन, रानीबाग की एचएमटी भूमि तथा नैनीताल, धनौल्टी और टिहरी की महत्वपूर्ण संपत्तियां शामिल हैं।
सांसद ने कहा कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार जनवरी और नवंबर 2025 में विभिन्न भूमि आवंटन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री स्तर से मंजूरी दी गई। सैलजा ने आरोप लगाया कि लगभग 1,080 एकड़ सरकारी भूमि से जुड़े निर्णयों में संबंधित विभागों और मंत्रियों की भूमिका को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
कुमारी सैलजा ने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट तथा हरिद्वार और ऋषिकेश के ऐतिहासिक भवनों को निजी संस्थाओं को दिए जाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की। सांसद ने कहा कि सरकारी संपत्तियों का उपयोग जनहित, शिक्षा, स्वास्थ्य और राज्य के दीर्घकालीन विकास को प्राथमिकता देकर होना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने बताया कि कांग्रेस ने पूरे उत्तराखंड में भूमि बचाओ-धामी हटाओ अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे तथा राज्यपाल से मिलकर विवादित निर्णयों की समीक्षा और उन्हें निरस्त करने की मांग की जाएगी।
आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी कांग्रेस
कुमारी सैलजा ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी। सांसद ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि, ऐतिहासिक धरोहरों और जनहित से जुड़े संसाधनों की रक्षा के लिए कांग्रेस लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। सांसद ने कहा कि सरकार को सभी आवंटन प्रक्रियाओं, मूल्यांकन और स्वीकृतियों का पूरा विवरण सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।








