सेक्टर-4 के परिसर में मजदूरों के ठहरने, गंदगी और आग जलाने की शिकायत; वरिष्ठ नागरिकों को हो रही परेशानी
धर्मसागर ने पूछा—सार्वजनिक परिसर में मजदूरों को रहने की अनुमति किसने दी?
गुरुग्राम। सेक्टर-4 स्थित सामुदायिक केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर अर्बन एस्टेट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (ऊर्वा) ने नगर निगम आयुक्त को पत्र सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने परिसर में मजदूरों के ठहरने, आग जलाने और नियमित सफाई के अभाव की शिकायत करते हुए इसे नागरिकों की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया है।
ऊर्वा के संरक्षक धर्मसागर ने कहा कि सामुदायिक केंद्र सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में व्याप्त अव्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है और इसका निर्धारित उपयोग प्रभावित हो रहा है।
धर्मसागर के अनुसार, सीवर की सफाई करने वाले ठेकेदार के मजदूरों के परिसर में रहने और अन्य गतिविधियां संचालित करने की बात सामने आई है। उन्होंने निगम प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि सार्वजनिक परिसर में मजदूरों को ठहरने की अनुमति किसने और किस अधिकार के तहत दी है।
उन्होंने शिकायत की कि निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर परिसर में खाना पकाने और ठंड से बचने के लिए आग जलाते हैं। इससे धुआं फैलता है, वायु प्रदूषण बढ़ता है और आग लगने का खतरा भी बना रहता है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को ऐसी गतिविधियां तत्काल रोकने के निर्देश देने की मांग की।
धर्मसागर ने कहा कि परिसर में वरिष्ठ नागरिक सुबह-शाम भ्रमण के लिए आते हैं। सुबह योग और अन्य स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियां भी होती हैं, लेकिन नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को स्वच्छ वातावरण नहीं मिल पा रहा है। जगह-जगह फैली गंदगी परिसर की उपयोगिता और नागरिकों की सुविधा, दोनों को प्रभावित कर रही है।
ऊर्वा ने निगमायुक्त से मांग की है कि शिकायतों की जांच कराकर सार्वजनिक उपयोग में बाधा डालने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही परिसर की समुचित सफाई कराकर नियमित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिक बिना किसी असुविधा के यहां आ सकें।
धर्मसागर ने निगमायुक्त से व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि सामुदायिक केंद्र अपने निर्धारित सार्वजनिक उद्देश्य के लिए उपलब्ध रहे।








