भारत विकास परिषद की कल्पना चावला शाखा ने आयोजित किया दीपावली परिवार मिलन समारोह
नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने और जरूरतमंदों के जीवन में खुशियों के दीप जलाने का आह्वान

गुरुग्राम। परिवार समाज की सबसे मजबूत नींव है। परिवारों में प्रेम होगा तो समाज में सद्भाव बढ़ेगा और राष्ट्र मजबूत बनेगा। यह बात फोरबा के चेयरमैन धर्मसागर ने भारत विकास परिषद की कल्पना चावला शाखा द्वारा सेक्टर चार स्थित वैश्य समाज धर्मशाला परिसर में आयोजित दीपावली परिवार मिलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही।
कार्यक्रम में परिषद के प्रांतीय महासचिव राजीव छाबड़ा और प्रांतीय कोषाध्यक्ष नरेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
धर्मसागर ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार से प्रकाश, निराशा से आशा और कटुता से प्रेम की ओर बढ़ने का संदेश है। भारत विकास परिषद का मूल मंत्र—संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण—केवल पाँच शब्द नहीं, बल्कि आदर्श समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का मार्ग है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा और सफलता के साथ भारतीय संस्कृति, बड़ों के सम्मान, सेवाभाव और मानवीय मूल्यों की विरासत देना भी हमारा दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि अपने घरों के साथ जरूरतमंदों के जीवन में भी खुशियों के दीप जलाएँ और प्रेम, सद्भाव तथा सेवा की भावना को मजबूत करें।
धर्मसागर ने कविता के माध्यम से भी दीपावली का महत्त्व समझाया—
“हर आँगन में प्रेम का दीप जले,
हर मन में खुशियों का कमल खिले।
संस्कार, सेवा और सद्भाव बढ़ाएँ,
मिलकर एक सुंदर भारत बनाएँ।”
कार्यक्रम को सफल बनाने में संरक्षक एपी पुरवार, अध्यक्ष अनु आनंद, सचिव आदर्श आर्या, कोषाध्यक्ष अंजू सहरावत, महिला सहभागिता से पूनम शाह, संपर्क संयोजक बीएल अग्रवाल, सेवा संयोजक महेश नागपाल, संस्कार संयोजक मीनू सरोच, पर्यावरण संयोजक मनिंदर सोनी, प्रचार-प्रसार प्रभारी दीपक महलोत तथा अनुप्रयोग प्रबंधक जतिन शर्मा आदि का सहयोग रहा।








