श्री जयराम शिक्षण संस्थान के अंतर्गत जयराम सैनिक स्कूल के नवनिर्मित भवन का हुआ भव्य लोकार्पण

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श्री जयराम शिक्षण संस्थान के अंतर्गत जयराम सैनिक स्कूल के नवनिर्मित भवन का हुआ भव्य लोकार्पण

श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी की प्रेरणा व सानिध्य में संपन्न हुआ समारोह

विश्वविख्यात उद्योगपति एवं समाजसेवी सज्जन कुमार बंसल ने करवाया जयराम सैनिक स्कूल के भवन का निर्माण।

कुरुक्षेत्र, प्रमोद कौशिक 27 अक्तूबर : श्री जयराम शिक्षण संस्थान के अंतर्गत संचालित जयराम सैनिक स्कूल के नवनिर्मित भवन का भव्य लोकार्पण समारोह एवं वार्षिक उत्सव बड़े हर्षोल्लास, गरिमा व राष्ट्रभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।

श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष एवं श्री जयराम शिक्षण संस्थान के चेयरमैन ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सानिध्य में आयोजित जयराम सैनिक स्कूल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह ने शिक्षा, संस्कार, समर्पण और राष्ट्र सेवा के आदर्शों को नई ऊर्जा प्रदान की। नवनिर्मित भवन का लोकार्पण सेवा के प्रति निरंतर समर्पण की भावना को समर्पित रहा। समारोह में कोलकाता के विश्वविख्यात उद्योगपति एवं रिस्का फाउंडेशन से जुड़े समाजसेवी सज्जन कुमार बंसल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं सैनिक स्कूल कुंजपुरा करनाल के प्रधानाचार्य एवं भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन गुरबीर सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की प्रतिष्ठा बढ़ाई। संस्थान परिवार, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, अभिभावकों तथा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक समारोह में भाग लिया।

मुख्य अतिथि सज्जन कुमार बंसल ने कहा कि प्रातः स्मरणीय ब्रह्मलीन देवेंद्र स्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज का आशीर्वाद उनके पूरे परिवार पर सदैव बना रहा है। उन्हीं के आशीर्वाद तथा अपने पूज्य स्वर्गीय माता- पिता साधुराम बंसल एवं राममूर्ति देवी बंसल की स्नेहपूर्ण स्मृति को चिरस्थायी बनाने की भावना से उन्हें परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के माध्यम से इस नवनिर्मित भवन के निर्माण में योगदान देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर से निर्मित एक इमारत नहीं है, बल्कि राष्ट्र के भावी रक्षकों को तैयार करने वाली एक तपोभूमि है। सैनिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उन में अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता, कर्तव्यनिष्ठा, राष्ट्र प्रेम और सेवा का भाव विकसित करना भी है। उन्हें विश्वास है कि इस संस्थान में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर देश की रक्षा करेंगे और अपने परिवार, क्षेत्र तथा राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।

श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि जयराम सैनिक स्कूल का नवनिर्मित भवन संस्थान की शैक्षणिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। सैनिक शिक्षा विद्यार्थियों में शारीरिक एवं मानसिक दृढ़ता, समयबद्धता, अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व जैसे गुणों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे संस्थान युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने में सहायक होते हैं। श्री जयराम शिक्षण संस्थान का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक दायित्वों का समन्वय स्थापित करना है। संस्थान के अंतर्गत संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं।

विशिष्ट अतिथि के रूप में सैनिक स्कूल कुंजपुरा के प्रधानाचार्य कैप्टन गुरबीर सिंह ने कहा कि श्री जयराम संस्थाएं ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। जयराम सैनिक स्कूल का नया भवन भी इसी संकल्प को आगे बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष एवं पूर्व आयुक्त टी.के. शर्मा, निदेशक एस.एन. गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिव सहगल तथा सेना शिक्षा कोर के सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर सुरेश कुमार , लोहार माजरा के सरपंच, के.के. कौशिक, कर्नल अरुण दत्ता, जितेन्द्र अहलावत, कर्नल डी.वी. नेहरा, कुलवंत सैनी, टेक सिंह, सुरेन्द्र गुप्ता, सुशील कंसल, मीडिया प्रभारी राजेश सिंगला, के.सी. रंगा, यशपाल राणा, डा. सुदेश रावल, डा. प्रतिभा श्योकंद, अंजू अग्रवाल, मनप्रीत कौर सहित संस्थान के सभी सम्मानित ट्रस्टीगण उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, संस्थान के अंतर्गत संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्यों, शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में अभिभावकों ने समारोह की शोभा बढ़ाई। समारोह का वातावरण उत्साह, गौरव और राष्ट्र सेवा के संकल्प से परिपूर्ण रहा। नवनिर्मित भवन का लोकार्पण संस्थान की प्रगति, समाज के सहयोग और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के साझा प्रयासों का प्रतीक बना।

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Author: Bharat Sarathi

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