महंगी खेती और खाद की किल्लत से किसान परेशान : राव नरेंद्र सिंह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

धान की खरीद और उठान में तेजी लाने तथा डीएपी की निर्बाध आपूर्ति की मांग

बेमौसम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा दे सरकार

चंडीगढ़, 27 अक्टूबर। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि खेती की बढ़ती लागत, डीएपी खाद की किल्लत और मंडियों की अव्यवस्थाओं से किसान परेशान हैं। उन्होंने भाजपा सरकार से खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, धान की खरीद और उठान में तेजी लाने तथा बेमौसम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का आकलन कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की।

राव नरेंद्र सिंह ने मंगलवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान प्राकृतिक आपदाओं और सरकार की गलत नीतियों की दोहरी मार झेल रहा है। खेती पर खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन किसानों की आमदनी उस अनुपात में नहीं बढ़ रही। उन्होंने कहा कि धान उत्पादकों को अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। महंगे डीजल से जुताई, सिंचाई और फसल की ढुलाई का खर्च बढ़ा है। बिजली की बढ़ती दरें भी किसानों पर आर्थिक बोझ डाल रही हैं।

खाद की मांग और उपलब्ध भंडार का विवरण सार्वजनिक हो

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गेहूं की बिजाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को डीएपी की उपलब्धता को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है। पानीपत सहित विभिन्न क्षेत्रों से खाद की उपलब्धता और वितरण संबंधी शिकायतें सामने आ रही हैं।

उन्होंने मांग की कि सरकार जिलेवार खाद की मांग और उपलब्ध भंडार का विवरण सार्वजनिक करे। किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के साथ वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई हो।

फसलों के नुकसान का तत्काल आकलन कराया जाए

राव नरेंद्र सिंह ने सिरसा और फतेहाबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि रानियां, डबवाली, डिंग, रतिया और टोहाना क्षेत्र के किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार तत्काल नुकसान का आकलन कराए। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।

उन्होंने मंडियों में धान की खरीद, उठान और भंडारण की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि खुले में पड़ा धान बारिश में भीगने से किसानों को नुकसान का खतरा बना रहता है। मंडियों में पर्याप्त ढके हुए स्थान, तिरपाल और जल निकासी की व्यवस्था की जाए। खरीदे गए धान का समयबद्ध उठान और किसानों को समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसानों की मुश्किलें खाद की कमी, महंगे डीजल और मंडियों की अव्यवस्थाओं से और बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में सरकार की जिम्मेदारी किसानों को राहत देना है।

उन्होंने कहा कि किसान हरियाणा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। सरकार खेती की बढ़ती लागत से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करे। किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि फसल का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और सम्मानजनक जीवन के अवसर मिलने चाहिए।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

और पढ़ें