निर्वाचन आयोग के हलफनामे पर उठाए सवाल, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
एक नवंबर की दिल्ली महारैली के बाद गांवों में चौपालों के जरिए अभियान चलाएगी कांग्रेस
चंडीगढ़, 27 अक्टूबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कथित चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र, व्यापक और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों के स्पष्ट, दस्तावेज आधारित जवाब देने चाहिए, ताकि जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का लोकतांत्रिक आंदोलन है। उनके अनुसार, कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण तक सीमित नहीं है। इसमें मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने और हटाने, दोहरी प्रविष्टियों तथा चुनावी आंकड़ों में कथित विसंगतियों से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।
आरोपों की जांच और सत्यापन पर जोर
दोनों नेताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र, कर्नाटक के महादेवपुरा और अलंद तथा हरियाणा से जुड़े मामलों में उठाए गए सवालों की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने महाराष्ट्र में दो चुनावों के बीच लगभग 39 लाख अतिरिक्त मतदाता जुड़ने और महादेवपुरा में 1,00,250 मतों से संबंधित कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन आरोपों का निष्पक्ष सत्यापन आवश्यक है।
नेताओं ने 25 सितंबर और 27 अक्टूबर को प्रकाशित ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबरों का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली तथा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल उसके हलफनामे पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने का कथन अन्य प्रक्रियागत सवालों का पर्याप्त जवाब नहीं है।
उन्होंने ऑनलाइन प्रपत्र-6 में बदलाव, चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण, गोवा में मतदाता पंजीकरण और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संबंधी अपीलों के विषय में स्पष्ट जवाब मांगे। दोनों नेताओं ने कहा कि उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना और अनियमितताएं प्रमाणित होने पर जवाबदेही तय करना है, जांच से पहले किसी को दोषी ठहराना नहीं।
पात्र मतदाताओं को सुधार और अपील का अवसर मिले
प्रारूप मतदाता सूचियों से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए जाने की खबरों पर चिंता जताते हुए नेताओं ने लगभग 13.3 करोड़ नाम बहाल करने की कांग्रेस की मांग दोहराई। साथ ही कहा कि प्रत्येक मामले का पारदर्शी सत्यापन होना चाहिए और पात्र मतदाताओं को विवरण में सुधार कराने, आपत्ति दर्ज करने तथा अपील का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा उपाय और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित होने तक विशेष गहन पुनरीक्षण स्थगित रखने की मांग की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की राजनीतिक मांग दोहराते हुए उन्होंने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और उन्हें प्राप्त कानूनी संरक्षणों की समीक्षा की भी मांग रखी।
गांव और मतदान केंद्र तक पहुंचेगा अभियान
दोनों नेताओं ने बताया कि एक नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के बाद दो से 25 नवंबर तक गांवों में चौपालें आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा ‘वोट रक्षक’ पहल और 25-26 नवंबर के ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के माध्यम से अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने जिला एवं खंड कांग्रेस समितियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और अग्रिम संगठनों से नागरिकों को मतदाता सूची जांचने, शिकायतों का दस्तावेजीकरण करने और प्रभावित मतदाताओं का मार्गदर्शन करने में सहायता देने की अपील की।
संयुक्त बयान में नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की नींव है। किसी भी पात्र नागरिक को प्रशासनिक त्रुटि, अपारदर्शी प्रक्रिया अथवा निष्पक्ष सुनवाई का अवसर दिए बिना इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।








