शिकायतकर्ता से लिया जाएगा फीडबैक, प्रत्येक सप्ताह स्वयं समीक्षा करेंगे निगमायुक्त, अगले 30 दिन तक बिना पूर्व अनुमति स्टेशन नहीं छोड़ सकेंगे अधिकारी एवं कर्मचारी

गुरुग्राम, 10 अक्टूबर। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निगम के पास विभिन्न माध्यमों से प्राप्त होने वाली नागरिक शिकायतों का समाधान पूरी गंभीरता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाधान गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और शिकायतकर्ता की संतुष्टि के अनुरूप होना चाहिए।
निगम कार्यालय में इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में निगमायुक्त ने शिकायत निवारण व्यवस्था, विकास कार्यों की गुणवत्ता, सड़क संबंधी कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित एजेंसियों से टेंडर की शर्तों के अनुसार कार्य करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
शिकायत के समाधान के बाद शिकायतकर्ता से लिया जाएगा फीडबैक
निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया की प्रभावशीलता का आकलन करने और सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शिकायत का निस्तारण मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप हो तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई भी की जाए।
प्रत्येक सप्ताह शिकायत समाधान की समीक्षा करेंगे निगमायुक्त
निगमायुक्त ने कहा कि वे स्वयं प्रत्येक सप्ताह शिकायतों के समाधान की समीक्षा करेंगे। इस दौरान प्राप्त शिकायतों, उन पर की गई कार्रवाई और समाधान की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाना तथा अधिकारियों को नागरिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील और सक्रिय बनाए रखना है। साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से लंबित शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने में भी सहायता मिलेगी।
अगले 30 दिन तक बिना पूर्व अनुमति स्टेशन नहीं छोड़ सकेंगे अधिकारी-कर्मचारी
निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि नगर निगम के कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के अगले 30 दिनों तक अपना स्टेशन नहीं छोड़ेंगे। इस निर्देश का उद्देश्य शिकायतों के त्वरित निस्तारण, विभागीय समन्वय और नागरिकों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें तथा शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी न होने दें।
टेंडर की शर्तों के अनुसार करवाएं विकास कार्य
बैठक में निगमायुक्त ने विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित एजेंसियों से संबंधित टेंडर की शर्तों के अनुसार ही कार्य करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों के निष्पादन में निर्धारित मानकों और शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को सड़क संबंधी कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। सड़क सुधार एवं अन्य संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने और उनकी प्रगति पर नियमित निगरानी रखने पर जोर दिया गया।
जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि पर रहेगा विशेष ध्यान
नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए शिकायतों की नियमित समीक्षा, शिकायतकर्ताओं से फीडबैक और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना, शिकायत निवारण प्रक्रिया में जवाबदेही बढ़ाना और गुरुग्राम के नागरिकों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।








