दिल्ली में कांग्रेस नेताओं और प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ पर जताई नाराजगी, कहा – जनप्रतिनिधियों को शांतिपूर्ण विरोध से रोकना संवैधानिक अधिकारों का हनन
कालांवाली के विधायक शीशपाल सिंह केहरवाला सहित कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने की निंदा; सिरसा में भी लोगों को हिरासत में लेकर दूर ले जाने का आरोप
नई दिल्ली/सिरसा, 10 अक्टूबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव, उत्तराखंड की प्रभारी एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने दिल्ली, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस नेताओं, छात्रों तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मोदी-शाह की जोड़ी ने अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है और विरोध की आवाज को पुलिस बल के माध्यम से दबाने का प्रयास हो रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष कर रहे हैं। सांसद ने आरोप लगाया कि जब विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलने जा रहे थे, तब उन्हें आकाशवाणी भवन के बाहर ही रोक दिया गया। चुनाव आयोग का जनप्रतिनिधियों से मिलने को तैयार न होना गंभीर चिंता का विषय है।
सांसद ने कहा कि संसद देश की सबसे बड़ी पंचायत है। यदि निर्वाचित सांसदों को भी संसद परिसर के आसपास स्वतंत्र रूप से आने-जाने और अपनी बात रखने से रोका जाएगा, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के माध्यम से जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
विधायक केहरवाला की गिरफ्तारी पर जताया विरोध
कुमारी सैलजा ने कालांवाली से कांग्रेस विधायक शीशपाल सिंह केहरवाला तथा अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को दिल्ली में चल रहे लोकतांत्रिक आंदोलन में शामिल होने जाते समय पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने का अधिकार भी नहीं है? सरकार को राजनीतिक विरोध का जवाब गिरफ्तारी के बजाय लोकतांत्रिक संवाद से देना चाहिए।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। जनता लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही चाहती है और सरकार को उसकी आवाज सुननी होगी।
सिरसा में भी पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल : सैलजा
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि दिल्ली और हरियाणा के अन्य क्षेत्रों की तरह सिरसा में भी लोगों को हिरासत में लेकर दूर स्थानों पर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार को समझना चाहिए कि पुलिस कार्रवाई से जनता के सवाल समाप्त नहीं होंगे। उन्होंने हिरासत में लिए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की रिहाई और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी तथा जनता लोकतांत्रिक तरीके से इस सरकार को सत्ता से बाहर करने का फैसला करेगी।








