स्वच्छता का संकल्प, जनता के बीच कितना काम?

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प्रदेशाध्यक्ष, विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष बताएं—कितने जनसंपर्क कार्यक्रम हुए, कितनी समस्याएं सुलझीं?

गुरुग्राम, 7 अक्टूबर। लेजर वैली स्थित महाराणा प्रताप स्वर्ण जयंती पार्क में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा के समापन के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कार्यकर्ताओं के साथ सफाई कर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। अभियान में भाजपा प्रदेश महामंत्री वेद फुल्ला, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा और महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।

डॉ. अर्चना गुप्ता ने कार्यक्रम स्थल पर कचरा एकत्रित करते हुए सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक अभियान या अवसर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा बननी चाहिए। कार्यकर्ता स्वयं स्वच्छता अपनाएं और दूसरों को भी जागरूक करें।

पुराने निर्देशों पर कितना अमल?

सभा के बाद चला यह अभियान स्वागतयोग्य है, लेकिन इसके साथ भाजपा के जनसंपर्क और स्वच्छता संबंधी पुराने आह्वान पर अमल का सवाल भी जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू हुए अभियान के दौरान भी प्रदेशाध्यक्ष ने विधायकों और भाजपा कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाने, उनका हाल जानने, समस्याएं सुनने और सफाई अभियान चलाने का आह्वान किया था।

ऐसे में सवाल है कि उस आह्वान के बाद से अब तक प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने-अपने स्तर पर जनता के बीच पहुंचकर ऐसे कितने कार्यक्रम किए? किन बस्तियों, कॉलोनियों और वार्डों में लोगों से मुलाकात की गई? वहां सामने आई समस्याओं में से कितनी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गईं और कितनों का समाधान हुआ?

जिला संगठन की भी जिम्मेदारी

प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी जिला संगठन की भी है। इसलिए भाजपा जिलाध्यक्ष से भी यह सवाल बनता है कि उन्होंने जिले में जनसंपर्क और स्वच्छता अभियान के लिए क्या कार्ययोजना बनाई? मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारियों को क्या जिम्मेदारियां दी गईं तथा उनके काम की समीक्षा कैसे हुई?

यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिला संगठन ने जनता की शिकायतें दर्ज करने, उन्हें प्रशासन तक पहुंचाने और समाधान की प्रगति जानने के लिए क्या व्यवस्था की। कार्यकर्ताओं को जनता के बीच भेजने के साथ जिलाध्यक्ष स्वयं कितने क्षेत्रों में पहुंचे और लोगों की समस्याओं पर क्या पहल की?

स्वच्छता को लेकर प्रदेशाध्यक्ष, विधायक और जिला संगठन को बताना चाहिए कि सभा स्थलों की सफाई के अतिरिक्त शहर के किन सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाए गए। क्या इन स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने के लिए कोई व्यवस्था बनी और बाद में वहां की स्थिति का जायजा लिया गया?

कार्यक्रमों के परिणाम भी सामने आएं

भाजपा की ओर से जारी इस कार्यक्रम की जानकारी में पहले दिए गए निर्देशों के बाद हुए जनसंपर्क कार्यक्रमों, सुनी गई शिकायतों और उनके समाधान का ब्योरा नहीं दिया गया है। ब्योरा न होने का अर्थ यह नहीं कि कार्यक्रम हुए ही नहीं, लेकिन उनके स्थान, तारीख और परिणाम सामने आने से जनता को वास्तविक काम की जानकारी मिल सकेगी।

प्रदेशाध्यक्ष का यह कहना उचित है कि स्वच्छता एक दिन का विषय नहीं है। इसी कसौटी पर विधायक और जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निरंतर बनती है। सभा के बाद सफाई का संदेश तभी अधिक प्रभावी होगा, जब जनता को अपने मोहल्लों में नियमित सफाई, जनप्रतिनिधियों और संगठन की सक्रिय मौजूदगी तथा शिकायतों पर ठोस कार्रवाई दिखाई देगी।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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