लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की साख बचाना सभी की जिम्मेदारी : कुमारी सैलजा

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सांसद सैलजा ने राहुल गांधी-प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने पर जताई आपत्ति; कहा – चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास जरूरी

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 7 अक्टूबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य कुमारी सैलजा ने नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। 6 अक्टूबर को विपक्षी नेता संसद क्षेत्र से चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे थे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कई घंटे चले प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित अनेक नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।

कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों, सिविल सोसाइटी, मीडिया और संवैधानिक संस्थाओं सभी की अपनी-अपनी जिम्मेदारी है। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सांसद ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर जनता का भरोसा सर्वोपरि है तथा कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी। सांसद ने कहा कि न्यायपालिका और मीडिया को भी अपनी स्वतंत्रता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा में अपनी संवैधानिक और संस्थागत भूमिका निभानी चाहिए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति या दल तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने का सवाल है। सरकार का विरोध और सत्ता परिवर्तन भी संविधान तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के दायरे में ही होना चाहिए। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बीच अपनी बात रखेंगे और लोकतांत्रिक माध्यमों से राजनीतिक परिवर्तन के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार हो या विपक्ष, चुनाव आयोग हो, न्यायपालिका, मीडिया या सिविल सोसाइटी सभी की जिम्मेदारी है कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं की विश्वसनीयता मजबूत बनी रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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