सीएंडडी वेस्ट निस्तारण को बढ़ावा देने के लिए नॉन-बल्क मलबे की फीस 360 रुपए से घटाकर 50 रुपए प्रति टन करने का प्रस्ताव पास,
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए सेक्टर-7 में 1445 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराने पर भी बनी सहमति

गुरुग्राम, 11 सितंबर। गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में नगर निगम गुरुग्राम के सदन की सामान्य बैठक आयोजित हुई। बैठक में शहर के विकास, जनसुविधाओं, निर्माण एवं तोड़फोड़ (सीएंडडी) वेस्ट के उचित निस्तारण तथा आगामी महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सदन ने जनहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी, यश जालुका व रविन्द्र यादव सहित निगम पार्षद व अधिकारी उपस्थित थे।
सीएंडडी वेस्ट की समस्या के समाधान की दिशा में अहम फैसला
बैठक में निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे (सीएंडडी वेस्ट) के उचित निस्तारण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सदन ने नॉन-बल्क मलबे के लिए मलबा चार्ज को 360 रुपए प्रति टन से घटाकर 50 रुपए प्रति टन करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।

इस निर्णय के बाद नॉन-बल्क मलबा जनरेटर अपना मलबा नगर निगम के बसई स्थित प्लांट अथवा नजदीकी सेकेंडरी मलबा कलेक्शन सेंटर पर 50 रुपए प्रति टन की दर से जमा करा सकेंगे या अपने घर से भी मलबा उठवा सकेंगे।
निगम का मानना है कि नॉन-बल्क सीएंडडी वेस्ट के लिए फीस में कमी किए जाने से मलबे के अधिकृत स्थानों पर पहुंचने को प्रोत्साहन मिलेगा और शहर में इधर-उधर मलबा डाले जाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। इस सुविधा के लिए एमसीजी के सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट पोर्टल
https://mcg-sms.austere.biz/cd-waste
पर सूचना देनी होगी और फीस का भुगतान करके चालान निकालना होगा। हालांकि, बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए यह फीस 360 रुपए प्रति टन ही रहेगी।
गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति
सदन की बैठक में गुरुग्राम मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के प्रायोरिटी-2 कॉरिडोर से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसके तहत सेक्टर-7 में 1445 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पास किया गया। यह निर्णय गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए नगर निगम की ओर से सहयोग की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बैठक में वार्ड-1 में सामुदायिक केंद्र के निर्माण से संबंधित प्रस्ताव को भी सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान की। सामुदायिक केंद्र के निर्माण से स्थानीय नागरिकों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा विभिन्न सड़कों एवं पार्कों के नामकरण से संबंधित मामलों पर भी सदन में निर्णय लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की शिकायत के तहत कास्ट इंडीकेट को हटाने से संबंधित विषय पर भी चर्चा की गई। इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए कमेटियों के गठन को मंजूरी दी गई है।
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि नगर निगम सदन की प्राथमिकता गुरुग्राम के नागरिकों से जुड़े मुद्दों का समाधान और शहर के समग्र विकास को गति देना है। उन्होंने कहा कि शहर के बेहतर विकास के लिए निगम लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके तहत कर्मचारियों व कचरा संग्रहण वाहनों में बढ़ोतरी, वजीराबाद में 272 एकड़ सरकारी जमीन निगम के अधीन आना, सुखराली तालाब से 40 वर्ष पुराना कब्जा हटाना सहित विभिन्न तालाबों का सुधार करना निगम की ऐतिहासिक जीत है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम द्वारा शहर में बेहतर जनसुविधाएं, प्रभावी कचरा प्रबंधन और सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीएंडडी वेस्ट के अधिकृत निस्तारण को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ शहर में स्वच्छता एवं पर्यावरण व्यवस्था को मजबूत करना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। सदन द्वारा लिए गए निर्णयों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।








