हड़ताल के 34वें दिन उल्टी झाड़ू और काले झंडों के साथ निकाला विशाल विरोध मार्च
गुडग़ांव, 8 सितम्बर (अशोक)। प्रदेश सरकार की कथित पालिका कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ हड़ताली सफाई और अग्निशमन कर्मचारियों ने आंदोलन के 34वें दिन उल्टी झाड़ू और काले झंडे लेकर विशाल विरोध मार्च निकाला। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज उठाई।
विरोध मार्च नगर निगम कार्यालय से शुरू होकर अग्रसेन चौक, शमा रेस्टोरेंट, सेशन हाउस, पटवार भवन, झाड़सा रोड, सिविल लाइंस, मोरनी चौक और धर्मशाला चौक से होते हुए पुनः निगम कार्यालय पहुंचा।
कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण बेदी तथा राजकुमार वाल्मीकि मांगें स्वीकार करने को लेकर जनता एवं कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रियों द्वारा 12, 13 या 14 मांगें मान लिए जाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई लिखित अधिसूचना अथवा आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है।
बसंत कुमार ने मांग की कि हड़ताली कर्मचारियों के निलंबन व बर्खास्तगी आदेश वापस लेने के साथ उनके खिलाफ दर्ज पुलिस मुकदमे भी तत्काल रद्द किए जाएं। सरकार 13 मई को हुए समझौते को लागू करते हुए स्वीकार की गई मांगों के लिखित आदेश जारी करे।
उन्होंने सफाई और सीवर व्यवस्था से ठेका प्रथा समाप्त करने, नए पद सृजित कर स्थायी भर्ती करने तथा मृतक अग्निशमन कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को वादे के अनुसार 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं स्थायी नौकरी देने की मांग भी उठाई।
कर्मचारी नेता ने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान सफाई के नाम पर पुलिस बल की आड़ में फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
बसंत कुमार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 9 सितम्बर तक बातचीत के माध्यम से मांगों का सम्मानजनक समाधान नहीं निकाला तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल को और तेज करते हुए आंदोलन की आगामी रणनीति घोषित करेंगे।








