सीईओ पीसी मीणा के सख्त निर्देश: हर नए इंफ्रास्ट्रक्चर की होगी जीआईसी टैगिंग

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पहले 100-200 मीटर काम दिखाना होगा, तभी आगे बढ़ेगा पूरा प्रोजेक्ट – सीईओ

नवंबर से पहले ग्रीन बेल्ट में पौधारोपण पूरा करें, हादसे रोकने बैरियर पर रिफ्लेक्टर लगेंगे

गुरुग्राम, 8 सितंबर। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री पी सी मीणा ने आदेश दिए हैं कि भविष्य में बनने वाली सड़कों, सरफेस ड्रेन, मेनहोल सहित सभी प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर की जीआईएस टैगिंग करवाई जाए, ताकि प्रत्येक कार्य की लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और भविष्य में मेन होल आदि तलाशने में कठिनाई ना हो ।

श्री मीणा आज इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे । गुरुग्राम में सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों की गुणवत्ता को लेकर भी श्री मीणा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी बड़े काम को सीधे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। पहले 100 या 200 मीटर का काम पूरा कर अधिकारियों को दिखाना होगा, गुणवत्ता और डिजाइन सही पाए जाने के बाद ही शेष कार्य आगे बढ़ेगा।

रात में दूर से दिखेंगे बैरियर

उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए सभी जर्सी बैरियरों की मरम्मत, पेंटिंग और उन पर रेडियंट पट्टियां लगाने के निर्देश दिए । इससे रात में वाहन चालकों को बैरियर दूर से दिखाई देंगे। दुर्घटना संभावित स्थानों पर बने ट्रैफिक नोज की मरम्मत कराने और वहां रिफ्लेक्टर लगाने को भी कहा गया है। सीईओ ने कहा कि ऐसे छोटे लेकिन जरूरी सुधार कार्यों से सड़क हादसों को कम करने में मदद करेंगे।

नवंबर से पहले हरियाली बढ़ाने का लक्ष्य

जीएमडीए क्षेत्र की ग्रीन बेल्ट में पौधारोपण का काम नवंबर से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पौधों के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। फुटपाथों की खराब हालत पर भी सीईओ ने अधिकारियों को फिर निर्देश दिए कि इन्हें पैदल यात्रियों के चलने योग्य बनाया जाए।

झीलों में रोकेंगे बारिश का पानी

गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उपलब्ध झीलों और तालाबों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वजीराबाद और घाटा गांव की झील की क्षमता बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के साथ नए जलाशय विकसित करने के लिए स्थान चिह्नित करने को कहा गया। इससे बारिश का पानी शहर में ही रोका जा सकेगा और भूजल रिचार्ज भी होगा ।

कोर्ट केस के कारण कई काम अटके

अधिकारियों ने बताया कि द्वारका एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का करीब 220 मीटर हिस्सा, रामपुरा रोड का कुछ भाग और मल्टी यूटिलिटी कॉरिडोर रोड के करीब 600 मीटर हिस्से से जुड़े मामले अदालत में लंबित हैं। मल्टी यूटिलिटी कॉरिडोर का करीब 85% काम पूरा हो चुका है। सेक्टर 73/74, 71/73, 72-72ए और 79-79ए में भी न्यायालयी मामलों के कारण काम प्रभावित हैं।

सीईओ ने एचएसवीपी के संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर इन मामलों की प्रभावी पैरवी और समाधान कराने के निर्देश दिए।

बैठक में इंफ्रा-1 के मुख्य अभियंता प्रवीन चौधरी, अधीक्षण अभियंता फैजल इब्राहिम, जे के सोरोत व प्रवीन कुमार, कार्यकारी अधिकारी अमित गोदारा, अभिनव वर्मा व राकेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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