डीएलएसए ने सिविल लाइंस के राजकीय विद्यालय में लगाया विधिक जागरूकता शिविर
गुरुग्राम, 8 सितंबर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (डीएलएसए), गुरुग्राम की ओर से राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सिविल लाइंस में पॉक्सो अधिनियम पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की जानकारी दी गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा डीएलएसए अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव निशा ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पॉक्सो अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ बाल पीड़ितों के लिए सुरक्षित, संवेदनशील और बाल-अनुकूल कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
निशा ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का अनुचित व्यवहार होता है अथवा वे ऐसी कोई घटना देखते हैं तो भय या झिझक के बिना इसकी जानकारी माता-पिता, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को तुरंत दें। किसी भी अपराध को छिपाने के बजाय समय पर संबंधित प्राधिकरण को सूचना देना आवश्यक है।
अधिवक्ता सन्नी यादव ने विद्यार्थियों को बच्चों के अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा अपराध की समय पर सूचना देने के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कानून के तहत बच्चों को मिलने वाले संरक्षण और सहायता संबंधी प्रावधानों की भी जानकारी दी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगिंदर ने शिविर के आयोजन के लिए डीएलएसए का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।








