निकायों में भ्रष्टाचार और सरकारी धन की बर्बादी रोककर कर्मचारियों को दिया जाए उचित वेतन
चंडीगढ़, 8 सितंबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार सफाई कर्मचारियों को बर्खास्त, निलंबित और गिरफ्तार करने के बजाय उनकी उचित मांगों का बातचीत से समाधान करे। कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करना समस्या का स्थायी हल नहीं है। कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगें स्वीकार करने में वित्तीय बोझ का तर्क देती है, जबकि नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। भ्रष्टाचार और फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर सफाई कर्मचारियों को उचित वेतन, जोखिम भत्ता और सामाजिक सुरक्षा दी जा सकती है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम में करीब 200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस मामले में बिना कार्य के भुगतान और विकास कार्यों को छोटे हिस्सों में बांटकर ई-टेंडर प्रक्रिया से बचने जैसे गंभीर आरोप सामने आए थे। कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा नगर परिषद में भी गलियों के निर्माण और भुगतान को लेकर पार्षदों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ गलियों को निर्माण के दो-तीन वर्ष बाद ही दोबारा बनाने तथा काम पूरा हुए बिना भुगतान करने के आरोपों की जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष तकनीकी और वित्तीय जांच करवाई जानी चाहिए।
सांसद ने मांग की कि प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए गली, सडक़, सीवरेज और सफाई संबंधी कार्यों का विशेष ऑडिट कराया जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कर सरकारी राशि की वसूली की जाए तथा बचाए गए धन का उपयोग सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन एवं सुविधाएं देने में किया जाए।








