मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जलापूर्ति, बिजली और सड़क से जुड़ी विकास परियोजनाओं को मिली मंजूरी

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*एचपीडब्ल्यूपीसी की बैठक में नेगोसिएशन के बाद 283.20 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत, लगभग 14.26 करोड़ रुपये की बचत*

चंडीगढ़, 7 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ जलापूर्ति, बिजली और सड़क से संबंधित विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी के समक्ष कुल 12 एजेंडा रखे गए, जिनकी कुल अनुमानित लागत 473.17 करोड़ रुपये थी। इनमें से 3 एजेंडा री-टेंडर किए जाने के बाद शेष 9 एजेंडा प्रस्तावों का कुल मूल्य 297.46 करोड़ रुपये रहा। विभिन्न बोलीदाताओं के साथ विस्तृत नेगोसिएशन के उपरांत इन कार्यों की दरें पुनर्निर्धारित की गईं, जिससे प्रस्तावों का मूल्य 283.20 करोड़ रुपये तय हुआ और लगभग 14.26 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई।

बैठक में हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा तथा सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, शहरी विकास के प्रधान सलाहकार श्री डी. एस. ढेसी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक में गुरुग्राम और सोनीपत में जलापूर्ति एवं सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के अंतर्गत सेक्टर-77 से 80 तक मास्टर सीवर लाइन बिछाने तथा मैनहोल निर्माण के कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई।

वहीं, सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (SMDA) के अंतर्गत मछरोला एवं जज्जल में यमुना नदी के तट पर रैनी वेल और एमबीएस के निर्माण तथा गन्नौर क्षेत्र में बेगा से शाहपुर तगा गांव तक राइजिंग मेन लाइन बिछाने और 10 एमएलडी क्षमता के रैनी वेल के निर्माण से संबंधित परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

पानीपत जिले के नौ गांवों में पाइपलाइन, आईपीएस, एसटीपी, सीवर लाइन, मैनहोल, एफएचटीसी तथा सीवर कनेक्शन से संबंधित कार्य किए जाएंगे। वहीं, समालखा में दो एसटीपी स्थापित करने के कार्य को भी मंजूरी दी गई है। इन कार्यों से संबंधित क्षेत्रों में सीवरेज एवं जलापूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

फरीदाबाद में शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए सेक्टर-89 में मार्जिनल लैंड पर सड़क निर्माण, जलापूर्ति पाइपलाइन,  सीवरेज लाइन और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जुड़े विकास कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अलावा, हिसार में इंटीग्रेटेड एविएशन हब के विकास को गति देने के लिए 132 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइनों को अंडरग्राउंड केबल के माध्यम से शिफ्ट करने के कार्य को भी मंजूरी दी गई।

सड़क क्षेत्र से जुड़े कार्यों में कुंडली-मानेसर सेक्शन में सड़क मार्किंग, साइन बोर्ड और कैट आईज के वार्षिक रखरखाव को मंजूरी दी गई। इससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात सुरक्षा एवं सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित विभागों को स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेशवासियों को इन परियोजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सके।

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Author: Bharat Sarathi

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