गढ़ी बोलनी रोड पर रोज रहता है अंधेरा, रेवाड़ी की बदहाल व्यवस्था पर भाजपा नेताओं से मांगा जवाब
टूटी सड़कें, बेसहारा पशु, कुत्तों का आतंक और दूषित पेयजल नागरिकों के लिए बने खतरा
रेवाड़ी, 8 सितम्बर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सुरक्षा में कथित चूक को लेकर हायतौबा मचाने वाले भाजपा नेताओं से पूछा है कि उन्हें आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा की चिंता क्यों नहीं होती।
विद्रोही ने कहा कि 5 सितम्बर की रात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह जाते समय एक सोसायटी से राजेश पायलट चौक तक करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने के कारण अंधेरा था। इसके बाद भाजपा विधायक और नेताओं ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक का मुद्दा उठाया। वास्तविकता यह है कि गढ़ी बोलनी रोड पर अंधेरा केवल मुख्यमंत्री के आगमन वाले दिन नहीं था, बल्कि यहां प्रतिदिन ऐसी ही स्थिति रहती है।
उन्होंने सवाल किया कि यह अंधेरा भाजपा नेताओं को पहले कभी क्यों दिखाई नहीं दिया? क्या आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखती? मुख्यमंत्री की सुरक्षा चाक-चौबंद होनी चाहिए और लापरवाही बरतने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए, लेकिन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और सरकार के एजेंडे में आमजन की सुरक्षा भी दिखाई देनी चाहिए।
विद्रोही ने कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले के लिए पूरे मार्ग पर पुलिस तैनात थी, लेकिन रोजाना अंधेरे में गुजरने वाले नागरिकों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता। यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में सुरक्षा की चिंता है तो उन्होंने इस डेढ़-दो किलोमीटर लंबे अंधेरे मार्ग पर स्थायी प्रकाश व्यवस्था क्यों नहीं करवाई?
उन्होंने आरोप लगाया कि रेवाड़ी शहर का लगभग 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा रात में अंधेरे में रहता है, लेकिन विधायक, प्रशासन और भाजपा नेता इसकी सुध नहीं लेते। सड़कों पर घूमते बेसहारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है। रात के समय आवारा कुत्तों के आतंक के बीच ट्रेन और बसों से देर रात लौटने वाले यात्री भय के माहौल में अपने घर पहुंचते हैं। इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस समस्या का संज्ञान नहीं लेते।
विद्रोही ने कहा कि शहर के अनेक गली-मोहल्लों की सड़कें टूटी हुई हैं और उनमें जानलेवा गड्ढे बने हैं। दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण लोग बीमार हो रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार, प्रशासन, सांसद, विधायक और पार्टी नेता मौन हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा जितनी आवश्यक है, उतना ही प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सरकार का संवैधानिक दायित्व है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस दायित्व को निभाने में पूरी तरह विफल रही है।








