कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास का घेराव; मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल बढ़ाने की चेतावनी

गुरुग्राम, 5 सितम्बर (अशोक)। प्रदेश सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों, वादाखिलाफी और दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों का आंदोलन शनिवार को बारिश के बीच 31वें दिन भी जारी रहा।
पुराने नगर निगम कार्यालय पर एकत्र गुरुग्राम, मानेसर, सोहना, पटौदी और फरुखनगर के 26 कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन करवाकर विरोध जताया। इसके बाद कर्मचारियों ने जुलूस निकालते हुए सिविल लाइंस स्थित कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के आवास का घेराव किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
राज्य उपप्रधान एवं इकाई प्रधान बसंत कुमार और वरिष्ठ उपप्रधान सम्मी बोहत सहित कर्मचारी नेताओं ने आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी, कारण बताओ नोटिस और निलंबन आदेशों की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के प्रतिनिधि कर्मचारियों की 12 से 14 मांगें मानने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई लिखित आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के बजाय पुलिस बल के सहारे आंदोलन दबाने का प्रयास कर रही है। संगठन सचिव तेजपाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि हड़ताल के दौरान वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। संघ ने इस अवधि में किए गए सभी भुगतानों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कर्मचारियों ने 13 मई के समझौते को लागू करते हुए स्वीकार की गई मांगों के लिखित आदेश तत्काल जारी करने, सफाई एवं सीवर कार्यों से ठेका प्रथा समाप्त करने, नियमित भर्ती करने तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग दोहराई।
इसके अलावा दिवंगत अग्निशमन कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को वादे के अनुसार 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। संघ ने चेतावनी दी कि यदि 6 सितम्बर तक मांगों का न्यायसंगत समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल की अवधि और बढ़ाई जाएगी।








