कम और असमय बारिश से उत्पादन प्रभावित होने का दावा, किसानों को मुआवजा देने की मांग
रेवाडी, 4 सितम्बर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री से दक्षिणी हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र में बाजरा फसल को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
विद्रोही ने कहा कि धान जहां हरियाणा के अधिकांश हिस्सों की प्रमुख खरीफ फसल है, वहीं अहीरवाल में बाजरा किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। इस वर्ष कम और समय पर बारिश नहीं होने के कारण बाजरे की फसल का उत्पादन उम्मीद के अनुरूप नहीं होने की आशंका है।
उन्होंने दावा किया कि अनियमित मानसून के कारण देर से बोई गई बाजरा फसल के समय पर पकने और पर्याप्त उत्पादन की संभावना कम हो गई है। इसके चलते क्षेत्र के कई किसान खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर खेतों को गेहूं और सरसों की आगामी बुआई के लिए तैयार कर रहे हैं।
विद्रोही ने कहा कि फसल खराब होने से पहले ही कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी। सरकार को प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण करवाकर नुकसान का सही आकलन करना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अहीरवाल में बाजरा फसल की विशेष गिरदावरी के आदेश दिए जाएं और वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।









