गुरुग्राम, 2 सितंबर- हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, गुरुग्राम की ओर से जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में एक विचाराधीन बंदी के मामले का निपटारा करते हुए उसे रिहा किया गया।
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने कारागार का निरीक्षण करते हुए बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालत का उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें कानूनी राहत प्रदान करना है। उन्होंने बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कारागार में संचालित विधिक सहायता केंद्र का भी निरीक्षण किया और बताया कि बंदी साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की चिकित्सीय सुविधा, स्वच्छता, खान-पान, परिवार से मुलाकात तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
सचिव निशा ने बताया कि राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक विकास कौशिक, उप अधीक्षक अनिल, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता तथा अधिवक्ता अभिमन्यु सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।








