संत गुरु रविदास जी समरसता संकल्प अभियान से संबंधित गठित कमेटी में विपक्ष के सदस्यों को भी किया जाएगा शामिल – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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*श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के कार्यक्रमों में विपक्ष की भागीदारी नहीं होना दुखद – मुख्यमंत्री*

*संत सबके हैं और हम सभी संतों के, संत-महापुरुषों की शिक्षाएं संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत – मुख्यमंत्री*

*संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’ को राजनीति से ऊपर उठकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए – नायब सिंह सैनी*

चंडीगढ़, 1 सितंबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत सभी के हैं और हम सभी संतों के हैं। संत-महापुरुषों की शिक्षाएं किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण समाज और मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। इसी भावना के अनुरूप ‘गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के लिए गठित कमेटी में विपक्ष के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मंगलवार को विधानसभा में ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’ पर पेश किए गए सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान विधायक श्री बी.बी. बत्रा द्वारा कमेटी में विपक्ष को प्रतिनिधित्व दिए जाने का विषय उठाए जाने पर सदन में जवाब दे रहे थे।

इस दौरान श्री नायब सिंह सैनी ने गुरु श्री तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस से जुड़े कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस महान सदन में गुरु श्री तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर प्रस्ताव लाया गया था और कार्यक्रमों के आयोजन के लिए कमेटियां भी गठित की गई थीं। इन कमेटियों में विपक्ष के सदस्यों को भी शामिल किया गया था। संबंधित उपायुक्तों द्वारा प्रत्येक स्थान पर विपक्ष के विधायकों को कार्यक्रमों में आमंत्रित किया गया था, लेकिन विपक्ष का एक भी साथी इन कार्यक्रमों में शामिल होता दिखाई नहीं दिया।

मुख्यमंत्री ने इस पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे बड़े भारी मन से सदन में यह बात रख रहे हैं कि गुरु श्री तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर से जुड़े कार्यक्रमों के लिए कमेटियां गठित किए जाने और सभी को आमंत्रित किए जाने के बावजूद विपक्ष की भागीदारी देखने को नहीं मिली।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था कि सरकारें आएंगी—सरकारें जाएंगी, लेकिन यह देश रहना चाहिए। यही संदेश हमारे गुरुओं ने भी दिया है। इस संदेश को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। भावी पीढ़ी को यह पता होना चाहिए कि हमारे संतों और गुरुओं ने समाज एवं मानवता के लिए किस प्रकार के कष्ट सहे और अपना जीवन समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस पवित्र भूमि पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज का प्रकाश हुआ है, वहां की मिट्टी घर-घर तक पहुंचनी चाहिए। इसलिए ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान’ को राजनीति से ऊपर उठकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ऐसे महान संतों और महापुरुषों के प्रकाश पर्व अथवा स्मृति दिवस आते हैं, तो हम सभी को मिलकर आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज सदन में लाया गया सरकारी संकल्प परम श्रद्धेय संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व से संबंधित है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का ध्येय संत-महापुरुषों का मान-सम्मान करना तथा उनकी शिक्षाओं और संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं की वाणी हमें यह संदेश देती है कि कोई भी व्यक्ति अपने जन्म के कारण छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि अपने कर्मों के कारण छोटा या बड़ा होता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अन्य सभी बातों को पीछे छोड़कर मिलकर इस संकल्प को आगे बढ़ाएं और संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में सभी हरियाणावासियों, विशेष रूप से विभिन्न संतों, महंतों, धर्माचार्यों एवं डेरा प्रमुखों, मंदिर समितियों तथा सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।

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Author: Bharat Sarathi

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