सम्मान समारोह उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल
चंडीगढ़, 30 अगस्त – हरियाणा सरकार के प्रधान सचिव डॉ. डी सुरेश के सम्मान में लोबाना भवन चंडीगढ़ में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश भर की सैकड़ो सभाओं के पदाधिकारियों के अलावा व्यक्तिगत लोगों ने उन्हें स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित करते हुए समाज की एकता और समरसता का परिचय दिया। इससे पहले प्रधान सचिव को ढोल नगाड़ों के साथ समारोह स्थल तक ले जाया गया।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान सचिव डी सुरेश ने कहा कि दलित समाज की पहचान हमेशा सेवा के लिए ही जानी जाती है। यह समाज सेवा में सदैव अग्रणी रहकर कार्य करता है। समाज द्वारा दिए गए प्यार, स्नेह और सम्मान को वे हमेशा याद रखेंगे। इसके लिए समाज का दिल की गहराइयों से बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद करते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के एकत्र होकर कार्य करना चाहिए। आजादी के बाद बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से हमें बेहतर प्लेटफार्म दिया है जिसके तहत चिकित्सा के साथ प्रशासनिक सेवा क्षेत्र में भी समाज के युवा आगे आए, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पहचान नहीं बढ़ा पाए। इसलिए युवाओं को उद्योगों में भाग लेने के साथ साथ रिसर्च क्षेत्र में आगे आना चाहिए ताकि इन क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा युवा अध्ययन कर देश सेवा में अहम भूमिका निभा सकें। औद्योगिक और रिसर्च क्षेत्र से समाज आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।
उद्यमशीलता मनुष्य के सर्वांगीण विकास की कड़ी होती है।
प्रधान सचिव डी सुरेश के साथ उनकी पत्नी कीर्ति, पुत्र केशव तथा बड़े भाई सेवानिवृत आईएफएस रवि भी मौजूद रहे। उनके बड़े भाई ने उन्हें समाज का अनमोल चिराग बताया। जिसने तीन बार नेशनल अवार्ड जीता।
समारोह में उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वे लगभग 34 साल की सेवा के बाद 31 अगस्त को सेवानिवृत हो रहे हैं। क्रिकेट रणजी के प्रधान रहे डी सुरेश ने सेवा के दौरान सरकार की जनहितैषी एवं जन कल्याणकारी नीतियों को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया। इसके साथ ही जीवन में वंचित समाज के हितों को प्राथमिकता दी।
भारतीय प्रशासनिक सेवा में तीन दशक से अधिक समय तक जनहित, संवेदनशीलता और सामाजिक न्याय को अपनी कार्यशैली का आधार बनाने वाले अधिकारी को बहुत ही सम्मान दिया गया। समारोह का आयोजन सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों के अलावा कर्मचारियों द्वारा गठित समन्वय समिति ने किया।
सम्मान समारोह देखकर हुए भावुक डी सुरेश
उन्होंने कहा कि कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक सरकारी अधिकारी के रूप में किए गए कार्यों के लिए उन्हें इतना स्नेह, सम्मान और अपनापन मिलेगा। लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारी संख्या में लोगों का इस अवसर पर पहुंचना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि और अमूल्य पूंजी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन से लेकर प्रशासनिक सेवा तक उनकी सोच सामाजिक न्याय, समान अवसर तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की रही और यही विचारधारा उनके प्रत्येक निर्णय तथा कार्यशैली की आधारशिला बनी।
समारोह में पूर्व विधायक लहरी सिंह, प्रधान कृष्ण कुमार, सत्यवान परोसा, सेवानिवृत अधिकारी आर पी साहनी, पूर्व प्रधान सुरेश मोरका, सत्यवान सरोहा, मेनपाल, डी पी पुनिया, ओ पी धामा, प्राध्यापक सुखबीर, जयबीर, बलबीर रंगा सहित कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।








