चंडीगढ़, 30 अगस्त- केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। हम सभी को अपने सामर्थ्य अनुसार अपने परिवार के साथ-साथ समाज में जरूरतमंद एवं पात्र लोगों की यथासंभव सेवा करनी चाहिए। अपने व्यवहार में सेवा के गुण को शामिल करना चाहिए। सेवा के कार्य में बढ़चढ़ कर भाग लेना चाहिए। बच्चों को सेवा भाव सीखाएं, ताकि वे आने वाले समय में अपने परिजनों का अच्छे से ध्यान रखें।
केंद्रीय मंत्री रविवार को कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में सर्व जन सुखाय ट्रस्ट कैथल की ओर से वृद्धजनों के कल्याण एवं सेवा के लिए गांव दयौरा में आनंदम वृद्ध सेवा आंगन के शिलान्यास अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष श्री कृष्ण लाल मिड्ढा, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी, सांसद नवीन जिंदल व अन्य अतिथिगणों की मौजूदगी में शिलान्यास पट्ट का अनावरण किया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कैथल, करनाल हो या कुरुक्षेत्र की भूमि, यहां बहुत सी संस्थाएं समाज सेवा के अच्छे सराहनीय कार्य कर रही हैं। स्किल सेंटर खोलना भी सेवा का रूप हो सकता है। युवाओं को सही दिशा दिखाना भी समाज सेवा है। समाज में सबसे पहले मां अपने बच्चों को दान व सेवा की शिक्षा देती हैं। मां की शिक्षा की तरह से हमें अपने बच्चों में व स्वयं में सेवा की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बचपन से जो सेवा भाव शुरू होगा, वह आगे चलकर सेवा के लिए प्रेरित करेगा। हमें अपने परिवार में जरूरतमंद एवं पात्र लोगों की सेवा तो करनी ही चाहिए, साथ में समाज में भी पात्र लोगों की सेवा करनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारे समाज में अपनी कमाई का दसवां हिस्सा समाज सेवा में देने की परंपरा रही है। आज भी बहुत से लोग इस दिशा में काम करते हैं। हम सभी को अपनी कमाई का एक निश्चित हिस्सा समाज सेवा में जरूर लगाना चाहिए। युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी श्री प्रभलीन सिंह, ज्योति सैनी, अशोक गुर्जर, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, पूर्व विधायक लीला राम, फूल सिंह खेड़ी एवं कुलवंत बाजीगर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।








