वरिष्ठ नागरिक समाज की धरोहर, युवाओं को उनके अनुभवों से सीखना चाहिए : धर्मसागर

गुरुग्राम। वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की गुरुग्राम इकाई ने शनिवार को न्यू कॉलोनी स्थित गीता भवन परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रधान एवं फोरवा के चेयरमैन धर्मसागर ने की। मंच संचालक डीएन कवातरा ने गायत्री मंत्र के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सदस्यों का स्वागत करते हुए धर्मसागर ने कहा कि बुजुर्ग कदमों की धूल नहीं, बल्कि माथे की शान हैं। युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और ज्ञान का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कविता सुनाई—
“वरिष्ठ बनने के लिए बहुत जीना पड़ता है,
एक-एक जन्म को सौ-सौ बार जीना पड़ता है।
वरिष्ठ के चेहरे पर गजब का नूर होता है,
वरिष्ठ की भाषा में अदब जरूर होता है।”
कार्यक्रम में क्लब के सदस्यों ने भजन, गीत, कविता और शायरी प्रस्तुत कर समां बांध दिया। हरीश ने ‘आ जाना एक बार मेरे घर आ जाना’ और ‘बीते हुए लम्हों की कसक साथ तो होगी’, जगदीश अरोड़ा ने ‘श्रीराम जय राम, जय-जय राम’, एचपी शर्मा ने ‘वीर हनुमाना अति बलवाना’, जगदीश गुलाटी ने ‘इक दिन भोले भंडारी बन करके एक नारी आ गए’ तथा मदन डूडेजा ने ‘सुखी रखे संसार’ प्रस्तुत किया।
चंदर कुमार चौधरी ने ‘राम कहियो जी हनुमान जी, हमरा भी एक काम करियो जी’, एलडी बवेजा ने ‘ऐसे जीवन का लाभ नहीं, जो काम न आए औरों के’, अंजला वधवा ने ‘ओम सिमरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो’ और मिथलेश ने ‘फूल ले, फूल ले जा आज गिरधारी, मालिन बनकर आई है’ सुनाकर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की।
एमआर कुमार ने कविता के माध्यम से रिश्तों में स्पष्टता और संवेदनशीलता का संदेश दिया। मंच संचालक डीएन कवातरा ने शायरी सुनाई—
“तेरी पसंद मेरी चाहत बन गई,
तेरी मुस्कुराहट मेरे दिल की राहत बन गई।
खुदा भर दे तेरा दामन खुशियों से,
क्योंकि तुझे खुश देखना मेरी आदत बन गई।”
वरिष्ठ समाजसेवी एचएस चावला ने कहा कि जन्म से पहले किसी व्यक्ति को अपने धर्म, जन्मस्थान अथवा जन्म के समय का ज्ञान नहीं होता। यह सब ईश्वर द्वारा निर्धारित होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी योग्यता और सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए।
कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों ने केक काटकर प्रधान धर्मसागर का जन्मदिन भी मनाया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर रमेश वशिष्ठ, केसरदास ग्रोवर, प्रवीण डूडेजा, शशि अरोड़ा, कमला रानी, हरीश सरदाना, एलडी बवेजा, रोशनलाल शर्मा, द्वारका प्रसाद, अमरनाथ भाटिया, सत्यनारायण शर्मा, महेश नागपाल, इंद्र कुमार शर्मा, विनोद भसीन, आरसी धवन, विनोद बजाज, रघुनाथ राज गोयल, ललित चावला, अनुपम बंसल, संजीव कुमार, सुरेंद्र आनंद, इंद्रेश कुमार, चेतनदास ग्रोवर, महेश कुमार, एचके खेड़ा और एमएल गांधी सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।









