हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने की एससी-एसटी कानून के तहत मामला दर्ज कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
चंडीगढ़, 30 अगस्त। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद मंच का कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की भावना पर सीधा हमला बताया।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार करना केवल उस व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि समानता और मानवीय गरिमा के संवैधानिक सिद्धांतों का भी अपमान है। सरकार को इस गंभीर प्रकरण पर राजनीतिक चुप्पी साधने के बजाय निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
आम दलित की स्थिति का लगाया जा सकता है अनुमान
राव नरेंद्र सिंह ने कहा, “संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। जाति के आधार पर किसी का अपमान करना संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। यदि देश के एक प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खुलेआम ऐसा व्यवहार किया जा सकता है, तो आम दलित, गरीब और वंचित व्यक्ति की स्थिति का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।”
उन्होंने कहा कि दलितों के विरुद्ध भेदभाव और उत्पीड़न की किसी भी घटना को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि जातिगत आधार पर अपमानजनक व्यवहार किए जाने की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा-आरएसएस अपना रुख स्पष्ट करें
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को स्पष्ट करना चाहिए कि वे संविधान की समानतावादी विचारधारा के साथ खड़े हैं या मनुवादी सोच के साथ। कांग्रेस दलितों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के सम्मान एवं अधिकारों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से उठा रहे हैं। एक ओर संविधान देश को समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाता है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं सामाजिक बराबरी और संवैधानिक मूल्यों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी करती हैं।
राव नरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों को एससी-एसटी कानून के तहत कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि प्रत्येक लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है।








