गाड़ियों का ईंधन जुटाते-जुटाते गरीब की थाली न छीन ले सरकार : राव नरेंद्र सिंह

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एथेनॉल नीति की समीक्षा की मांग; बोले—जनता की रसोई पहले या पेट्रोल की टंकी?

मक्का, चावल और पशु आहार की कीमतों पर दबाव का आरोप; ई-20 से माइलेज और पुराने वाहनों पर प्रभाव को लेकर मांगा जवाब

चंडीगढ़, 23 अगस्त। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ईंधन की जरूरतों और खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महंगाई से जूझ रहे आम आदमी पर ऐसी किसी नीति का बोझ नहीं पड़ना चाहिए, जिसका असर उसकी रसोई और रोजमर्रा के खर्चों पर पड़े।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में चीनी और गुड़ की कीमतों में हुई बढ़ोतरी चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि कई बाजारों में चीनी 67 रुपये और गुड़ 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। सरकार को मूल्यवृद्धि के वास्तविक कारणों और इसे नियंत्रित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

खाद्यान्न और ईंधन के बीच संतुलन जरूरी

उन्होंने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में गन्ने के साथ मक्का और चावल जैसे कृषि उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ने से खाद्य बाजार में उनकी उपलब्धता और कीमतों पर दबाव पड़ने की आशंका है। सरकार को एथेनॉल उत्पादन में प्रयुक्त गन्ना, मक्का और चावल की मात्रा तथा खाद्य बाजार पर उसके प्रभाव से संबंधित पारदर्शी आंकड़े जारी करने चाहिए।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मक्का और चावल महंगे होने का प्रभाव केवल घरों की रसोई तक सीमित नहीं रहता। पशु आहार और पोल्ट्री फीड की लागत बढ़ने से किसान तथा पशुपालक प्रभावित होते हैं और अंततः दूध, अंडे एवं अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ती हैं।

चीनी नीति पर स्थिति स्पष्ट करे केंद्र

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र से देश में चीनी के उत्पादन, उपलब्धता, निर्यात और आयात की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी किसी भी नीति का आर्थिक बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं डाला जाना चाहिए।

ई-20 के प्रभाव पर उठाए सवाल

राव नरेंद्र सिंह ने ई-20 पेट्रोल को लेकर कहा कि सरकार को वाहनों के इंजन, माइलेज, उपभोक्ताओं की लागत और पुराने वाहनों पर इसके संभावित प्रभाव की विस्तृत जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा नीति का उद्देश्य देश की जरूरतों को सुरक्षित और टिकाऊ ढंग से पूरा करना होना चाहिए, न कि उपभोक्ता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालना।

राव नरेंद्र सिंह ने सवाल किया, “क्या सरकार के विकास मॉडल में आम आदमी की थाली और किसानों के संसाधनों की कीमत पर गाड़ियों की टंकी भरना प्राथमिकता बन गया है?”

उन्होंने केंद्र सरकार से एथेनॉल नीति के खाद्य कीमतों पर प्रभाव की व्यापक समीक्षा, महंगाई नियंत्रण के लिए तत्काल कदम और देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

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Author: Bharat Sarathi

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