गली नंबर-4 में बार-बार ओवरफ्लो, गंदे पानी और टूटी सड़क से लोगों का निकलना मुश्किल
पार्षद से सांसद और निगम अधिकारियों तक लगाई गुहार, नागरिकों ने की अधिक क्षमता वाली नई लाइन बिछाने की मांग
गुरुग्राम, 23 अगस्त। नगर निगम गुरुग्राम के वार्ड-30 स्थित मदनपुरी की गली नंबर-4 में करीब 30 वर्ष पुरानी सीवर लाइन स्थानीय नागरिकों के लिए अभिशाप बन गई है। पार्क के निकट सीवर के लगातार जाम और ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। कई दिनों से बने जलभराव, दुर्गंध और क्षतिग्रस्त सड़क के कारण लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार निगम की टीमें शिकायत मिलने पर सीवर की सफाई तो कर देती हैं, लेकिन यह राहत कुछ दिनों से ज्यादा नहीं टिकती। लाइन दोबारा जाम होते ही दूषित पानी सड़क और गलियों में फैलने लगता है। नागरिकों का कहना है कि समस्या अब सामान्य सफाई से हल होने वाली नहीं है। पुरानी और कम क्षमता वाली लाइन को बदलकर नई सीवर लाइन बिछाना ही इसका स्थायी समाधान है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार भी बेअसर
नागरिकों ने बताया कि वे वार्ड पार्षद मधु बत्रा, विधायक मुकेश शर्मा, सांसद राव इंद्रजीत सिंह, जिला उपायुक्त और नगर निगम के संयुक्त आयुक्त तक अपनी शिकायत पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक केवल अस्थायी सफाई कराकर काम चलाया जा रहा है।
लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने विकास और बेहतर नागरिक सुविधाओं की उम्मीद से अपने जनप्रतिनिधियों को चुना था, लेकिन आज भी सीवर, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
बढ़ती आबादी का भार उठाने में नाकाम लाइन
स्थानीय लोगों का दावा है कि क्षेत्र की सीवर लाइन करीब 30 वर्ष पहले तत्कालीन आबादी को ध्यान में रखकर बिछाई गई थी। इसके बाद क्षेत्र की जनसंख्या और मकानों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन सीवर व्यवस्था की क्षमता नहीं बढ़ाई गई। नतीजतन थोड़ी-सी बारिश या अतिरिक्त दबाव पड़ते ही लाइन जाम होकर ओवरफ्लो होने लगती है।
निवासियों का सवाल है कि जब समस्या की जड़ पुरानी और अपर्याप्त क्षमता वाली लाइन है, तो नगर निगम बार-बार सफाई कराकर अपने दायित्व की इतिश्री क्यों कर रहा है?
दस हजार लोगों के पार्क पर भी संकट
प्रभावित गली के पास मदनपुरी का एकमात्र सार्वजनिक पार्क है, जिसका इस्तेमाल आसपास की करीब दस हजार आबादी करती है। नागरिकों के मुताबिक बारिश के दौरान सीवर का गंदा पानी पार्क और आसपास की गलियों तक फैल जाता है। इससे पार्क में आने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी होती है।
जमा दूषित पानी और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा जलजनित रोग फैलने का खतरा भी बना हुआ है। टूटी सड़क और पानी में छिपे गड्ढे राहगीरों एवं दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
“सफाई नहीं, अब स्थायी समाधान चाहिए”
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि सीवर का पानी घरों के सामने जमा रहने से उनका जीवन नारकीय हो गया है। दुर्गंध के कारण दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक परेशान हैं। लोगों ने चेताया कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो बारिश में स्थिति और विकराल हो सकती है।
नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की है।
नागरिकों की प्रमुख मांगें
- 30 वर्ष पुरानी और कम क्षमता वाली सीवर लाइन के स्थान पर नई एवं अधिक क्षमता वाली लाइन बिछाई जाए।
- गली नंबर-4 की क्षतिग्रस्त सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।
- बारिश और सीवर के पानी की स्थायी निकासी सुनिश्चित की जाए।
- तत्काल विशेष सफाई एवं कीटाणुनाशक छिड़काव अभियान चलाया जाए।
- स्थायी कार्य पूरा होने तक नियमित निगरानी और मशीनों से सीवर सफाई की व्यवस्था की जाए।
मदनपुरी के नागरिकों का सवाल—जब समस्या वर्षों पुरानी और सबके संज्ञान में है, तो स्थायी समाधान के लिए आखिर किसका इंतजार किया जा रहा है?









