*जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम के प्रयासों से आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से हुआ समाधान*
*सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्षकारों से किया संवाद*
गुरुग्राम, 23 अगस्त- भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ओर से 21 से 23 अगस्त 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत “समाधान समारोह” के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम को उल्लेखनीय सफलता मिली है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा के मार्गदर्शन में सर्वोच्च न्यायालय में लंबे समय से लंबित 10 मामलों का आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निपटारा कराया गया।
इन 10 मामलों में से 6 मामलों का निपटारा पूर्व में ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा मध्यस्थता के माध्यम से कराया जा चुका था। वहीं, शेष 4 मामलों में भी पक्षकारों के बीच समझौते की संभावना को देखते हुए प्राधिकरण द्वारा लगातार प्रयास किए गए। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 23 अगस्त को सभी 10 मामलों का माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से सफलतापूर्वक निपटारा हुआ।
विशेष लोक अदालत के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा, संबंधित मामलों के अधिवक्ताओं तथा दोनों पक्षों के पक्षकारों से सीधे संवाद किया। माननीय न्यायाधीशों ने दोनों पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और आपसी सहमति एवं समझौते के माध्यम से विवादों के समाधान पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस अवसर पर एडीआर सेंटर, गुरुग्राम में संबंधित मामलों के अधिवक्ता एवं पक्षकार स्वयं उपस्थित रहे। वर्षों से लंबित विवादों का आपसी सहमति से समाधान होने पर दोनों पक्षों ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा सर्वोच्च न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम की इस पहल के प्रति आभार जताया।
“समाधान समारोह” का उद्देश्य लंबे समय से लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि पक्षकारों को शीघ्र न्याय के साथ-साथ विवादों से स्थायी राहत मिल सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयास न्याय तक आसान एवं प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।








