चंडीगढ़, 23 अगस्त। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी पूरी तरह तानाशाही पर उतर आई है और तमाम लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। इसीलिए गुरुग्राम में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत मुख्यमंत्री का विरोध करने वाले कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और तमाम लोगों के विरुद्ध पुलिसिया कार्रवाई की गई है।
न सिर्फ बेगुनाह लोगों पर केस किया गया, बल्कि उन्हें हिरासत में भी ले लिया गया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने भर के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के चलते 17 पुलिसकर्मी और 2 SHO सस्पेन्ड कर दिए गए। इससे पता चलता है कि सत्ता में बैठे लोग पूरी तरह घमंड में चूर है और वह अपने विरुद्ध कोई भी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। यह वह तानाशाह सरकार है, जिसने किसानों से लेकर युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं, यहां तक कि Gen-Z बच्चों को भी नहीं बक्शा। इस सरकार ने हर वर्ग के खिलाफ लाठीचार्ज जैसी अक्षम्य कार्रवाई को अंजाम दिया और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने का काम किया।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार के रवैया की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि दोनों जिलाध्यक्षों समेत गैर-कानूनी हिरासत में लिए गए तमाम लोगों के मुकदमे वापस होने चाहिए। साथ ही, बीजेपी सरकार और प्रशासन को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
हुड्डा ने बताया कि गुड़गाँव की जिस यूनिवर्सिटी में मुख्यमंत्री जा रहे थे, वहाँ छात्रों की बहुत सारी समस्याएँ थी, जिसका समाधान करने की वो मांग कर रहे थे। छात्रों की शिकायत थी कि यूनिवर्सिटी में फर्स्ट ईयर का रिज़ल्ट नहीं आया, इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है।
गुड़गाँव में प्रशासन जिस अलोकतांत्रिक तरीके से निजी संपत्तियों को तोड़ने का काम कर रही है और प्रशासन का माफिया रूप देखने को मिल रहा है, उस बात को लेकर भी लोगों में रोष था। इसके अलावा छात्रों में इस बात को लेकर भी रोष था कि जंतर मंतर पर जो पुलिस बर्बरता हुई उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही थी।
जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने साढ़े 7 घंटे तक एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए धरना दिया तब जाकर एफआईआर दर्ज हुई। इस माँग को लेकर कांग्रेसजनों ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए।
लेकिन इसके बाद सरकार ने जिस कायराना ढंग से कार्रवाई की, वो किसी भी लोकतंत्र की व्यवस्था में मान्य नहीं है। पुलिस ने सीआईए की अलग-अलग टीम लगाकर पूरे गुड़गाँव में एक-एक कांग्रेसजन को उठाने का काम किया, जो वहाँ पे मौजूद था। गुरुग्राम शहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज डाबर के बेटे को उठा लिया। एनएसयूआई के ज़िलाध्यक्ष सचिन के पिता को उठा लिया और प्रताड़ित किया गया। इसके बाद पुलिस ने सारी रात उन्हें थाने में बिना मुकदमा दर्ज किये उन्हें कस्टडी में रखा।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार की ऐसी तानाशाही को कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी व इसके खिलाफ और मुखर होकर आवाज उठाएगी।








