लोकसभा में विधेयक पारित होने का किया स्वागत, बोले—निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
गुरुग्राम (जतिन राजा)। लोकसभा में माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित होने पर उद्योग जगत ने इसका स्वागत किया है। इसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को नई ऊर्जा देने वाला कदम बताते हुए उद्योगपतियों ने कहा कि इससे देश में निवेश, रोजगार और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिलेगी।
देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं मुंजाल शोवा लिमिटेड के प्रबंध निदेशक योगेश चंद्र मुंजाल ने विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय भारत के औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भर भारत अभियान और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों की भागीदारी को और अधिक सशक्त करेगा।
उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य अधिक से अधिक उद्यमों को एमएसएमई की श्रेणी में लाकर उन्हें सरकारी योजनाओं, संस्थागत ऋण, तकनीकी उन्नयन, बाजार तक बेहतर पहुंच और समयबद्ध भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को विस्तार करने, आधुनिक तकनीक अपनाने तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
योगेश चंद्र मुंजाल ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र रोजगार सृजन, विनिर्माण, निर्यात और स्थानीय उद्यमिता का मजबूत आधार है। संशोधित प्रावधान लागू होने से अधिक उद्योग एमएसएमई के दायरे में आएंगे, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और देश की औद्योगिक सप्लाई चेन पहले से अधिक मजबूत बनेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस संशोधन का विशेष लाभ ऑटो कंपोनेंट, इंजीनियरिंग, मशीन टूल्स, इलेक्ट्रिकल, टेक्सटाइल सहित विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों के हजारों उद्यमों को मिलेगा। इससे भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्य बातें
- लोकसभा में एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित।
- अधिक उद्योगों को एमएसएमई का दर्जा मिलने का मार्ग होगा प्रशस्त।
- सरकारी योजनाओं, सस्ती वित्तीय सहायता और तकनीकी उन्नयन का मिलेगा लाभ।
- निवेश, रोजगार, उत्पादन और निर्यात को मिलेगा प्रोत्साहन।
- ऑटो, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल समेत कई विनिर्माण क्षेत्रों को होगा दीर्घकालिक लाभ।








