बिजली निजीकरण सार्वजनिक संपत्ति बेचने का षड्यंत्र

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किसान – कर्मचारी को बर्बाद करके निजीकरण को आबाद नही होने देंगे

भाजपा किसान – कर्मचारी की शोषक, पूंजीपतियों की पोषक

सरकार बिजली निजीकरण का निर्णय अविलंब वापस ले

गुरुग्राम/फरुखनगर, 7अगस्त। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रवक्ता सुखबीर जे तंवर और ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आज दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, फरुखनगर पहुँचे और बिजलीकर्मी सयुंक्त संघर्ष मोर्चा दुवारा गुरुग्राम एवं मेवात में बिजली निजीकरण के विरोध में जारी आंदोलन और हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया।

धरने पर बैठे कर्मचारियों और कृषि उपभोक्ताओं की समस्यायें और मांग सुनने के बाद धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा एग्रो डिस्कॉम निगम का गठन किसान और कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात है। सरकार बार बार स्मार्ट मीटर बदलने के नाम पर उपभोक्ताओं को लूट रही है। बिजली वितरण मात्र सेवा नहीं, बल्कि जनता का बुनियादी अधिकार है। सरकार दुवारा किसान – कर्मचारी को बर्बाद करके निजीकरण को आबाद नही करने दिया जायेगा। सरकार निजीकरण के माध्यम से कृषि उपभोक्ताओं की जेब काटकर कर्मचारियों के भविष्य पर डकैती डालते हुये असुरक्षित बनाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं का उद्देश्य जनकल्याण है। इन सेवाओं के निजीकरण से पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास संविधान में निहित कल्याणकारी राज्य अवधारणा पर गंभीर आघात है।

ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा की कांग्रेस इस निजीकरण नीति और निर्णय का कृषि और कर्मचारियों के व्यापक हित में प्रबल विरोध करती है। बिजली निजीकरण से कृषि को महंगी बिजली, कम जवाबदेही, ठेका प्रथा का विस्तार और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा पर गंभीर खतरा तय है।

आंदोलन और हड़ताल की अध्यक्षता सुखबीर सिंह सीए ने की। बिजली कर्मचारी यूनियन के प्रधान अशोक लांबा, पूर्व प्रधान राज कुमार जेई, सुशील प्रधान, रविंद्र जेई, नसीब जेई, आशीष शर्मा, रजनीश, हरिकिशन, राजेंद्र, नवीन शर्मा सहित सकड़ों कर्मचारी एवं किसान उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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