संगीतमय संध्या में वरिष्ठ नागरिकों ने दी सुरों की भावभीनी श्रद्धांजलि, सामूहिक मेडली बनी आकर्षण का केंद्र

हिसार, 6 अगस्त। भारतीय सिनेमा के महान पार्श्वगायक, अभिनेता और संगीतकार स्वर सम्राट किशोर कुमार की जयंती के अवसर पर वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब, हिसार में गुरुवार को एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान किशोर कुमार के सदाबहार गीतों की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया और वरिष्ठ नागरिकों ने अपने पसंदीदा गीतों के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्लब के महासचिव डॉ. जे. के. डांग ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि किशोर कुमार केवल एक गायक ही नहीं, बल्कि भारतीय फिल्म संगीत के ऐसे बहुमुखी कलाकार थे, जिन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, सहज अभिनय और अनूठी गायकी से करोड़ों श्रोताओं के दिलों में स्थायी स्थान बनाया। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत से परिचित कराने का भी माध्यम बनते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेन्द्र भाटिया ने प्रभावशाली एवं रोचक शैली में किया। उन्होंने प्रत्येक प्रस्तुति के बीच किशोर कुमार के जीवन, संघर्ष, अभिनय और गायन से जुड़े अनेक प्रेरक एवं दिलचस्प प्रसंग साझा किए, जिससे कार्यक्रम और अधिक जीवंत तथा ज्ञानवर्धक बन गया।

संगीत यात्रा का शुभारंभ डॉ. एम.एस. मलिक ने “वो शाम कुछ अजीब थी” की प्रस्तुति से किया। इसके बाद श्रीमती रमा मुंजाल ने “इक लड़की भीगी भागी सी”, श्री प्रेम केडिया ने “ओ मेरे दिल के चैन”, डॉ. आशा क्वात्रा ने “ये रातें ये मौसम, नदी का किनारा”, डॉ. आर.डी. शर्मा ने “तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती” तथा श्री अजीत सिंह ने “खाइके पान बनारस वाला” प्रस्तुत कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
दूसरे चरण में डॉ. पुष्पा खरब ने “प्यार दीवाना होता है”, डॉ. एस.एस. धवन ने “ये शाम मस्तानी”, डॉ. एम.एस. राणा ने “ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत”, डॉ. सुनीता सुनेजा ने “दिल क्या करे”, श्रीमती आदेश मलिक ने “पल-पल दिल के पास”, डॉ. के.के. वर्मा ने “तेरे चेहरे में वो जादू है” तथा श्री योगेश सुनेजा ने “मेरे नैना सावन भादो” प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

इसके बाद डॉ. कमल धवन एवं डॉ. धवन ने “शायद मेरी शादी का ख्याल” की युगल प्रस्तुति देकर श्रोताओं को आनंदित किया। श्रीमती कौशल जैन, डॉ. आर.एस. हुड्डा, डॉ. सुरेन्द्र भाटिया, श्री करतार सिंह तथा डॉ. इंदु गहलावत ने भी अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब सभी सदस्यों ने मिलकर किशोर कुमार के लोकप्रिय गीतों की सामूहिक मेडली प्रस्तुत की। सामूहिक गायन ने पूरे सभागार को उत्साह, आत्मीयता और संगीत की मधुर तरंगों से भर दिया तथा उपस्थित सदस्य भी गीतों के साथ गुनगुनाने लगे।
समारोह के समापन पर डॉ. जे. के. डांग ने सभी कलाकारों, सदस्यों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. सुरेन्द्र भाटिया के प्रभावशाली मंच संचालन तथा किशोर कुमार के जीवन से जुड़े रोचक प्रसंगों की सराहना की। साथ ही उत्कृष्ट फोटोग्राफी के लिए श्री अशोक खट्टर का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।
जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि यह संगीतमय संध्या उन्हें लंबे समय तक याद रहेगी और किशोर कुमार के अमर गीतों की मधुर स्मृतियां उनके मन में हमेशा गूंजती रहेंगी।








