न्याय तक आसान और किफायती पहुंच के लिए वर्षों पुरानी मांग दोहराई, कहा—एनसीआर के लाखों नागरिकों को मिलेगा लाभ

गुरुग्राम, 2 अगस्त। जिला बार एसोसिएशन, गुरुग्राम के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी संतोख सिंह ने गुरुग्राम में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोरदार ढंग से उठाई है। उन्होंने कहा कि न्याय तक आमजन की आसान, सुलभ और किफायती पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना समय की आवश्यकता बन चुकी है।
उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर 25 अप्रैल 2009 को जिला बार एसोसिएशन, गुरुग्राम की ओर से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया था। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पर विचार के लिए एक समिति का भी गठन किया था।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि अब यह महत्वपूर्ण मुद्दा राज्यसभा में भी उठाया जा चुका है, जहां गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम आज राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का प्रमुख न्यायिक, औद्योगिक और आर्थिक केंद्र बन चुका है। इसके बावजूद फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक और सोनीपत सहित दक्षिणी एवं आसपास के जिलों के नागरिकों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
उन्होंने कहा कि इससे वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों का समय और धन दोनों व्यर्थ खर्च होते हैं। यदि गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित की जाती है तो न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुलभ, त्वरित और प्रभावी होगी। साथ ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पर लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
चौधरी संतोख सिंह ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार तथा संबंधित संवैधानिक संस्थाओं से आग्रह किया कि दक्षिणी हरियाणा और एनसीआर के लाखों नागरिकों के हित में इस लंबे समय से लंबित मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।








