नई कार्यकारिणी के गठन के 24 घंटे के भीतर सभी 10 लोकसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध, पुतले फूंके

चंडीगढ़, 30 जुलाई 2026। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अलका लांबा के देशव्यापी आह्वान पर हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस ने प्रदेशाध्यक्ष श्रीमती पर्ल चौधरी के नेतृत्व में भाजपा सांसद कंगना रनौत के विवादित बयान तथा नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति के विरोध में गुरुवार को पूरे प्रदेश में व्यापक प्रदर्शन किए। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन कर पुतले फूंके गए और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा के महज 24 घंटे के भीतर संगठन ने प्रदेश के सभी 10 लोकसभा क्षेत्रों में एक साथ विरोध कार्यक्रम आयोजित कर अपनी सक्रियता का प्रदर्शन किया। रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, सिरसा, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, झज्जर, हिसार, पानीपत, यमुनानगर, सोनीपत और पलवल सहित विभिन्न जिलों में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी ने कहा कि भाजपा सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में छात्र आंदोलन में शामिल युवतियों को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें “गटर छाप जनरेशन” बताया और यह कहा कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी केवल आंदोलन में शामिल छात्राओं का नहीं, बल्कि देश की करोड़ों बेटियों के आत्मसम्मान का अपमान है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आए पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। ऐसे समय में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली छात्राओं का उपहास उड़ाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील है।
पर्ल चौधरी ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों पर प्रह्लाद जोशी की सार्वजनिक भूमिका गंभीर प्रश्न खड़े करती है। उन्होंने कहा कि देशभर की छात्राओं का विश्वास, सुरक्षा और सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कंगना रनौत इससे पहले भी किसान आंदोलन के दौरान किसानों और महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुकी हैं। किसान आंदोलन में देश की माताओं का अपमान किया गया था और अब छात्र आंदोलन के दौरान देश की बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है। यह भाजपा की महिलाओं के प्रति सोच को उजागर करता है।
पर्ल चौधरी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने शब्दों की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। करोड़ों युवाओं और बेटियों के बारे में इस प्रकार की टिप्पणियां समाज में गलत संदेश देती हैं और महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाती हैं। हरियाणा महिला कांग्रेस ऐसे बयानों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि दूसरों को सीख देने से पहले कंगना रनौत को स्वयं आत्ममंथन करना चाहिए। मातृत्व, संघर्ष और नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को समझे बिना इस प्रकार की टिप्पणी करना महिलाओं के सम्मान के विपरीत है।
हरियाणा भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता से जवाब मांगते हुए पर्ल चौधरी ने कहा कि उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि क्या भाजपा कंगना रनौत के इस बयान से सहमत है। यदि नहीं, तो भाजपा नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से इस टिप्पणी से स्वयं को अलग करते हुए देश की बेटियों से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पहले से ही घटते लिंगानुपात जैसी गंभीर सामाजिक चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे समय में महिलाओं और बेटियों के प्रति अपमानजनक एवं विभाजनकारी बयान सामाजिक वातावरण को और अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। महिला कांग्रेस ने मांग की कि भाजपा नेतृत्व अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करे तथा कंगना रनौत देश की बेटियों से सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें।









