*मध्यस्थता से लंबित मुकदमों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निपटान पर जोर*
*विभाग एक सप्ताह के अंदर करें समझौता योग्य मामलों की पहचान : मुख्य सचिव*
चंडीगढ़, 30 जुलाई-हरियाणा सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित किए जाने वाले ‘समाधान समारोह-2026’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी 21 से 23 अगस्त तक आयोजित होने वाली राष्ट्रव्यापी विशेष लोक अदालत के लिए समझौते या मध्यस्थता के माध्यम से निपटाए जा सकने वाले मामलों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव द्वारा सभी प्रशासनिक सचिवों को जारी पत्र में कहा गया है कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल की सफलता के लिए सभी विभाग सक्रिय, समन्वित एवं सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता (मेडिएशन) को बढ़ावा देना, अनावश्यक न्यायिक मुकदमों में कमी लाना तथा वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र, सौहार्दपूर्ण और सहमति के आधार पर निपटारा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग एक सप्ताह के भीतर ऐसे मामलों की पहचान कर लें, जिनका समाधान आपसी सहमति से विशेष लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है। विभाग मध्यस्थता के लिए उपयुक्त मामलों की पहचान कर उनके प्रभावी निपटान हेतु हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण तथा संबंधित जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करें।
इस संबंध में 3 अगस्त को होने वाली समीक्षा बैठक में सभी प्रशासनिक सचिवों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, जिसमें विभागवार प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह पहल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा देशभर में विशेष लोक अदालतों के माध्यम से सहमति आधारित विवाद निपटान को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किए गए व्यापक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है।
श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि विभागों की सक्रिय भागीदारी और समयबद्ध समन्वय से न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों को त्वरित राहत मिल सकेगी।









