ऑडिट रिपोर्ट में नियमों की अनदेखी के आरोपों पर राव नरेंद्र सिंह ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
चंडीगढ़, 28 जुलाई। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में कुलपति की पत्नी की कैंपस स्कूल निदेशक पद पर नियुक्ति को लेकर प्रधान महालेखाकार (ऑडिट) द्वारा उठाई गई आपत्तियों के आधार पर भाजपा सरकार पर भाई-भतीजावाद और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार बिना आवेदन आमंत्रित किए और निर्धारित भर्ती प्रक्रिया का पालन किए बिना नियुक्ति की गई, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि इस तरह की नियुक्तियां विश्वविद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि ऑडिट रिपोर्ट, मंडल आयुक्त की जांच और शिक्षा विभाग की आपत्तियों के बावजूद सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो यह संदेश जाएगा कि भाजपा सरकार नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही शिक्षकों के रिक्त पदों, जर्जर स्कूलों और भर्ती संबंधी अनियमितताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में विश्वविद्यालयों में भी कथित रूप से नियमों को दरकिनार कर नियुक्तियां होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में योग्यता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि रिश्तेदारी या प्रभाव को।
राव नरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने तथा सभी विश्वविद्यालयों और सरकारी संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं नियमसम्मत बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच भी उठाएगी और शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता तथा पारदर्शिता से समझौता नहीं होने देगी।








