रामपुर सड़क से महिला आयोग तक, लगातार उठाए गए जनसरोकारों के मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई को बताया लोकतंत्र और जनता की जीत
चंडीगढ़/गुरुग्राम, 12 जुलाई। हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पटौदी विधानसभा से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी श्रीमती पर्ल चौधरी द्वारा लगातार उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों का असर एक बार फिर देखने को मिला है। रामपुर गांव की वर्षों पुरानी जर्जर सड़क का मुद्दा सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से प्रमुखता से उठाने के बाद अब प्रदेश की नायब सैनी सरकार ने रामपुर सहित पटौदी विधानसभा क्षेत्र की 40 सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं विशेष मरम्मत कार्यों को मंजूरी दे दी है।
कुछ दिन पहले पर्ल चौधरी ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर सवाल उठाया था कि “अयोध्या में राम जी के नाम पर चढ़ावा चोरी की चर्चा है और पटौदी विधानसभा के रामपुर गांव में वर्षों से विकास चोरी हो रही है। आखिर रामपुर की जनता सरकार के भरोसे रहे या सब कुछ राम जी के भरोसे छोड़ दे?” यह मुद्दा क्षेत्र में व्यापक चर्चा का विषय बना था।
अब प्रकाशित समाचार के अनुसार सरकार ने पटौदी क्षेत्र की 40 सड़कों के सुदृढ़ीकरण को मंजूरी दी है, जिसमें रामपुर सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की योजना भी शामिल है। इससे स्पष्ट होता है कि जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाया जाए तो सरकार को निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब पर्ल चौधरी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर सरकार को कदम उठाना पड़ा हो। पिछले महीने कुरुक्षेत्र के सदर अस्पताल में एक 15 वर्षीय बच्ची के साथ चिकित्सक द्वारा दुष्कर्म की घटना के बाद पर्ल चौधरी ने हरियाणा महिला आयोग की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठाते हुए तत्कालीन अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की थी। साथ ही उन्होंने नायब सिंह सैनी सरकार से यह भी पूछा था कि वर्षों से हरियाणा महिला आयोग में उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां लंबित क्यों हैं, जिससे महिलाओं को न्याय मिलने में बाधा आ रही है।
संयोग ही सही, लेकिन ठीक एक महीने बाद, 12 जुलाई से एक माह पूर्व यानी 12 जून को हरियाणा सरकार ने महिला आयोग की नई अध्यक्ष तथा पांच नए सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की। इससे यह संदेश गया कि विपक्ष द्वारा मजबूती से उठाए गए जनहित और महिला सुरक्षा के मुद्दों को सरकार अनदेखा नहीं कर सकी।
पर्ल चौधरी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्णय का श्रेय लेना नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जनता के हित में निर्णय लेती है तो उसका स्वागत है, लेकिन लोकतंत्र में मजबूत विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वही सरकार को जवाबदेह बनाता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई के साथ-साथ प्रदेश के हर वर्ग की समस्याओं को मजबूती से उठाती रहेगी। पटौदी विधानसभा के विकास, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
आज पर्ल चौधरी केवल पटौदी विधानसभा की आवाज़ नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में महिलाओं, वंचितों और आम जनता की बुलंद आवाज़ बनकर उभरी हैं। कांग्रेस संगठन में भी वे महिला शक्ति के सशक्त नेतृत्व के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रही हैं और जनहित के मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने का कार्य लगातार कर रही हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना एक जनप्रतिनिधि का दायित्व है और वह इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करती रहेंगी।
अंत में पर्ल चौधरी ने कहा, कि “हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के अधिकार, विकास और जवाबदेही के लिए है। यदि सरकार जनता की मांगों को स्वीकार कर काम करती है तो यह लोकतंत्र और जनता,दोनों की जीत है।”









