17 जुलाई को जींद दौरे के दौरान प्रधानमंत्री से रक्षा विश्वविद्यालय पर स्पष्ट घोषणा की मांग

रेवाडी, 12 जुलाई। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने 17 जुलाई को जींद आगमन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुग्राम के बिनौला गांव में प्रस्तावित रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर स्पष्ट घोषणा करने की मांग की है।
विद्रोही ने कहा कि कांग्रेस और यूपीए शासनकाल के दौरान गुरुग्राम के बिनौला गांव में रक्षा विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना को स्वीकृति मिली थी। उनके अनुसार इस परियोजना के लिए हरियाणा सरकार ने लगभग 200 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर उसे रक्षा विश्वविद्यालय के नाम आवंटित किया था। उन्होंने दावा किया कि परियोजना स्थल पर चारदीवारी का निर्माण भी कराया गया था तथा उस समय केंद्र सरकार द्वारा लगभग 200 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई और पिछले 12 वर्षों के दौरान इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। विद्रोही ने कहा कि हरियाणा, विशेषकर अहीरवाल क्षेत्र, देश को बड़ी संख्या में सैनिक देने के लिए जाना जाता है, ऐसे में यहां रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना क्षेत्र के युवाओं और पूर्व सैनिकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
विद्रोही ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपना चुनावी अभियान रेवाड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक रैली से प्रारंभ किया था और उस दौरान सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों के हितों से जुड़े अनेक वादे किए गए थे। उन्होंने कहा कि बिनौला रक्षा विश्वविद्यालय परियोजना को आगे बढ़ाना उन वादों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने आगामी हरियाणा दौरे के दौरान बिनौला रक्षा विश्वविद्यालय परियोजना को लेकर स्थिति स्पष्ट करें और यदि संभव हो तो इसके निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ करने की घोषणा करें।









