मानसून की बारिश में जीएमडीए की ताऊ देवीलाल स्टेडियम स्टॉर्म वाटर ड्रेन रही प्रभावी

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नई विकसित मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन एवं क्रॉस-ड्रेनेज कनेक्टिविटी से जलभराव संभावित क्षेत्रों से बरसाती पानी की हुई त्वरित निकासी

ताऊ देवीलाल स्टेडियम, मेदांता रोड, राजीव चौक और एयर फोर्स स्टेशन कॉरिडोर को मिली राहत

Medanta Road free of waterlogging during recent rainfall period

गुरुग्राम, 9 जुलाई: गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा ताऊ देवीलाल स्टेडियम के अंदर से बनाई गई नई मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन इस सप्ताह हुई मानसूनी बारिश के दौरान अत्यंत प्रभावी साबित हुई । इस ड्रेने ने गुरुग्राम के राजीव चौक और आस पास के क्षेत्र में जलभराव होने से बचाया ।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जीएमडीए के सीईओ श्री पीसी मीणा ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश जीएमडीए द्वारा सुदृढ़ की गई नई ड्रेनेज अवसंरचना की प्रभावशीलता की सफल परीक्षा साबित हुई है। पहले ताऊ देवीलाल स्टेडियम के बाहर से हाईवे की तरफ़ से ड्रेन बनी हुई थी, जिससे बरसाती पानी की निकासी ठीक ढंग से नहीं हो पा रही थी । इस वजह से ताऊ देवीलाल स्टेडियम के अंदर, मेदांता रोड और राजीव चौक व आस पास जलभराव होता था और इस पानी को पम्प सेटों की मदद से निकलना पड़ता था । इस दिक्कत को समझते हुए जीएमडीए ने स्टेडियम के अंदर से सीधी ड्रेन बनाई है और इससे शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक राजीव चौक व आसपास के क्षेत्र में पारंपरिक जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय तक रहने वाले जलभराव की समस्या से काफी हद तक निजात मिली है। जीएमडीए द्वारा विकसित एकीकृत ड्रेनेज अवसंरचना के कारण इस बार ताऊ देवीलाल स्टेडियम, मेदांता रोड, राजीव चौक तथा एयर फोर्स स्टेशन कॉरिडोर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से वर्षा जल की त्वरित निकासी संभव हुई, जिससे भारी बारिश के दौरान भी यहाँ पानी खड़ा नहीं हुआ ।

Tau Devi Lal Stadium reported no waterlogging during the rainfall periods on Tuesday and Wednesday

श्री मीणा ने बताया कि इस नई ड्रेन से सोहना रोड पर स्थित एयर फोर्स स्टेशन को भी जोड़ा गया है और एयर फोर्स स्टेशन क्षेत्र का पानी भी इसके माध्यम से जल्द निकल सका जबकि पहले वहाँ भी जलभराव रहता था। उन्होंने बताया कि लगभग 1.1 किलोमीटर लंबाई की यह मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन सेक्टर-32/38 मास्टर रोड से बादशाहपुर मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन तक विकसित की गई है। इससे ताऊ देवीलाल स्टेडियम कैचमेंट क्षेत्र के वर्षा जल की निकासी के लिए शहर की मास्टर ड्रेनेज प्रणाली तक एक समर्पित आउटलेट उपलब्ध हुआ है और इस पूरे क्षेत्र को जलभराव मुक्त बनाने में सफलता मिली है ।

उन्होंने बताया कि वर्षा जल प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जीएमडीए ने राजीव चौक के निकट एनएचएआई की मौजूदा सरफेस ड्रेन को भी ताऊ देवीलाल मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन से क्रॉस-ड्रेनेज कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ा है। इसके परिणामस्वरूप हाईवे की स्लिप रोड एवं आसपास की सड़कों का बरसाती पानी प्रभावी ढंग से बादशाहपुर ड्रेन में पहुंचाया जा सका , जिससे शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक राजीव चौक पर जलभराव में उल्लेखनीय कमी आई।

श्री मीणा ने कहा कि नई ड्रेनेज अवसंरचना की सफलता के पीछे मानसून से पूर्व जीएमडीए द्वारा की गई व्यापक तैयारी महत्वपूर्ण रही । इनमें सरफेस ड्रेनों की डी-सिल्टिंग, रोड गलियों का निर्माण एवं रखरखाव, ड्रेनेज नेटवर्क की कनेक्टिविटी को मजबूत करना तथा इंजीनियरिंग टीमों द्वारा लगातार फील्ड मॉनिटरिंग शामिल रही।

उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व किए गए इंजीनियरिंग उपायों से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क की जल वहन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप हाल की वर्षा के दौरान बरसाती पानी की जल्द निकासी सुनिश्चित हो सकी। जीएमडीए भविष्य में भी स्थायी इंजीनियरिंग समाधानों तथा नियमित रखरखाव के माध्यम से शहर की ड्रेनेज अवसंरचना को और अधिक सुदृढ़ करता रहेगा, ताकि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम किया जा सके और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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