चनौत गांव के साथ सरकार ने किया धोखा, टी लगने के बावजूद नहीं दिया पानी- हुड्डा
चंडीगढ़, 9 जुलाई । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी सरकार जानबूझकर तमाम पेपरों में धांधली करती है। ताकि एचटेट का पेपर हो या किसी भर्ती का, अभ्यार्थी धांधलियों की शिकायतों में ही उलझकर रह जाएं और सरकार को भर्ती ही ना करनी पड़ें। हुड्डा पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने हरियाणा को पेपर लीक और पेपर धांधली का गढ़ बन दिया है।
एचटेट की परीक्षा में प्रश्न कॉपी, गलत ओएमआर शीट, गलत सीरियल नंबर, गलत प्रश्न, गलत जवाब, भाषाई त्रुटि, गलत ट्रांसलेशन समेत अनगिनत गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। अभ्यार्थियों ने सबूतों के साथ इनको उजागर किया है। बावजूद इसके सरकार की गलतियों को ठीक करवाने के लिए अब पैसे का भुगतान भी अभ्यार्थियों को ही करना पड़ेगा। क्योंकि HTET के 1 सवाल पर ऑब्जेक्शन उठाने के प्रत्येक अभ्यार्थी को 100 रुपये देने होंगे। यानी अगर 25 सवाल गलत हैं तो प्रत्येक युवा को 2500 रुपये का भुगतान करना होगा। जबकि ये लोग पहले ही एचटेट फॉर्म के लिए 1000 रुपये भर चुके हैं।
यानी बीजेपी सरकार सिर्फ युवाओं को एक के बाद एक घाव नहीं दे रही है, बल्कि उस घाव पर नमक और मिर्च भी छिड़क रही है।
हुड्डा ने चनौत में चल रहे आंदोलन पर कहा कि सरकार ने गांववालों के साथ धोखा किया है। बाकायदा प्रशासन की मौजूदगी में गांव के लिए सरकार के आदमी ने टी लगाई थी। लेकिन उसे बाद में उखाड़ दिया गया। सवाल खड़ा होता है कि अगर टी लगाने का फैसला सरकार का नहीं था, तो उसको लगवाते हुए प्रशासन मौके पर क्यों मौजूद था? उन्होंने कहा कि चनौत गांव और हांसी शहर दोनों को पानी देने की जिम्मेदारी सरकार की है। यह बेहद दुखत है कि इस मूलभूत सुविधा के लिए भी गांव को आंदोलन व अनशन करना पड़ रहा है।
भूपेंद्र सिंह हुडडा ने आगे बोलते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराम मंदिर के लिए देश विदेश के करोड़ों भक्तों द्वारा दिए गए दान में हुई बड़ी गड़बड़ी और घोटाले के आरोप बेहद चिंताजनक हैं। ये मामला भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले जन-जन को परेशान करने वाला है।








