ग्रुप ‘ए’ और ‘बी’ अधिकारियों के सेवा मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस जरूरी

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पदोन्नति, पेंशन, पासपोर्ट, प्रतिनियुक्ति सहित विभिन्न सेवा मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस होगी अनिवार्य

चंडीगढ़, 9 जुलाई- हरियाणा सरकार ने ग्रुप ‘ए’ एवं ‘बी’ अधिकारियों से जुड़े प्रमुख सेवा मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस को अनिवार्य कर दिया है। अब पेंशन एवं सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, सरकारी कर्मचारियों को पासपोर्ट जारी करने, प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सेवा मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, निर्धारित सेवा मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस/एनओसी प्राप्त करने के लिए एक मानकीकृत व्यवस्था लागू की गई है। सभी विभागों, बोर्डों, निगमों तथा अन्य सरकारी संस्थाओं में प्रक्रियागत एकरूपता, पारदर्शिता तथा समयबद्ध निर्णय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन दिशा-निर्देशों को व्यापक समीक्षा के बाद जारी किया गया है।

सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित प्रारूप में सभी जरूरी विवरणों सहित प्रस्ताव भेजें। सेवानिवृत्ति के मामलों में पेंशन संबंधी लाभों में विलंब से बचने के लिए प्रस्ताव सेवानिवृत्ति की तिथि से कम-से-कम एक वर्ष पूर्व भेजना अनिवार्य होगा। विभागों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भेजी गई सभी सूचनाएं सही, सत्यापित एवं अद्यतन हों। तथ्यों को छिपाने अथवा गलत जानकारी देने के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

निर्धारित प्रारूप में अधिकारी की नियुक्ति का विवरण, पदोन्नतियां, प्रतिनियुक्ति संबंधी जानकारी तथा अन्य सेवा विवरण शामिल होंगे, जिससे संबंधित अधिकारी की सतर्कता स्थिति का वस्तुनिष्ठ एवं समयबद्ध परीक्षण किया जा सके।

सरकार ने इन निर्देशों के पालन की स्पष्ट जिम्मेदारी प्रशासनिक सचिवों तथा विभागाध्यक्षों को सौंपी है। उन्हें यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित श्रेणी के किसी भी मामले में विजिलेंस क्लियरेंस प्राप्त किए बिना आगे कार्रवाई न की जाए तथा सभी प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा के भीतर भेजे जाएं।

सतर्कता विभाग के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य निवारक सतर्कता तंत्र को मजबूत करना, सभी सरकारी संस्थानों में सतर्कता संबंधी मानकों में एकरूपता सुनिश्चित करना तथा प्रक्रियागत कमियों के कारण सेवा मामलों के निपटान में होने वाली अनावश्यक देरी को समाप्त करना है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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