अपने आसपास की जीटी को करें ‘एडॉप्ट’, जलभराव रोकने में बनें टीम एमसीजी के भागीदार

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निगमायुक्त प्रदीप दहिया की नागरिकों से अपील, घर के आसपास की जीटी पर रखें नजर, अवरोध दिखे तो हटाएं और कूड़ा-मलबा डालने वालों की दें सूचना

गुरुग्राम, 6 जुलाई। मानसून के दौरान वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहरभर में रोड गली ट्रैप (जीटी) की नियमित सफाई की जा रही है। इसके बावजूद कई बार कूड़ा, प्लास्टिक, पॉलीथिन, पत्तियां, मिट्टी या मलबा जमा होने के कारण जल निकासी द्वार अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा होने की समस्या उत्पन्न होती है।

इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों से “जीटी को एडॉप्ट करें” की अपील की है। नागरिक अपने घर, दुकान या प्रतिष्ठान के आसपास स्थित गली ट्रैप पर नियमित नजर रखें और जल निकासी में छोटा-मोटा अवरोध दिखाई देने पर सुरक्षित तरीके से उसे हटाकर नगर निगम का सहयोग करें।

मॉर्निंग वॉक के दौरान भी रखें आसपास की जीटी पर नजर

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान या दिन में अपने आसपास आते-जाते समय नजदीकी जीटी की स्थिति पर ध्यान दें। यदि किसी जीटी के जल निकासी द्वार पर प्लास्टिक, पत्तियां या अन्य हल्का कचरा जमा दिखाई देता है और उसे सुरक्षित रूप से हटाया जा सकता है, तो उसे हटाकर पानी के प्रवाह को सुचारु बनाए रखने में सहयोग करें। नागरिकों की छोटी-सी सजगता बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कूड़ा, मलबा और प्लास्टिक डालने वालों को रोकें

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि गली ट्रैप वर्षा जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें कूड़ा, मलबा, प्लास्टिक या अन्य सामग्री डालने से जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जीटी में कूड़ा, मलबा या प्लास्टिक डालकर अवरोध पैदा करता है, तो नागरिक उसे ऐसा करने से रोकें और मामले की सूचना नगर निगम गुरुग्राम को दें, ताकि संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

जलभराव रोकना हम सभी की साझा जिम्मेदारी

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम की टीमें गली ट्रैप और जल निकासी व्यवस्था की नियमित सफाई कर रही हैं, लेकिन बारिश के दौरान कूड़ा एवं प्लास्टिक बहकर दोबारा जीटी के मुहाने पर जमा हो सकता है। ऐसे में नागरिकों का सहयोग जलभराव की समस्या को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं गुरुग्राम के नागरिकों से अपील करता हूं कि वे अपने घर या प्रतिष्ठान के आसपास की एक गली ट्रैप को एडॉप्ट करें और उस पर नियमित नजर रखें। अगर जल निकासी द्वार पर कोई अवरोध दिखाई दे, तो सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उसे हटाने में सहयोग करें। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जीटी में कूड़ा, प्लास्टिक या मलबा डालता है, तो उसे रोकें और नगर निगम को सूचित करें। शहर को जलभराव मुक्त बनाने के लिए नगर निगम और नागरिकों की साझा भागीदारी बेहद जरूरी है।

नागरिक सहभागिता से मजबूत होगा मानसून प्रबंधन

नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून प्रबंधन के तहत फील्ड टीमों, मशीनरी और अन्य संसाधनों के माध्यम से जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर जल निकासी अवरोधों को रोकने की पहल की जा रही है। नगर निगम की अपील है कि कम से कम एक जीटी को एडॉप्ट करें, उसे साफ रखने में सहयोग करें और जलभराव मुक्त गुरुग्राम के निर्माण में भागीदार बनें।

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Author: Bharat Sarathi

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